Acme Universal Safezone ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में शानदार वापसी की है। कंपनी ने **₹7 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी **₹8 करोड़** के घाटे में थी। कंपनी का रेवेन्यू **16%** बढ़कर **₹120 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसमें एक्सपोर्ट का बड़ा योगदान रहा है।
मुनाफे में बदली तस्वीर
हाल ही में BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई Acme Universal Safezone ने अपने फाइनेंशियल प्रदर्शन में बड़ा सुधार दिखाया है। ₹7 करोड़ का प्रॉफिट कंपनी की एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर जब हम पिछले साल के ₹8 करोड़ के नुकसान को देखते हैं।
रेवेन्यू और एक्सपोर्ट की ताकत
कंपनी की सफलता के पीछे मुख्य वजह रेवेन्यू में 16% की ग्रोथ है, जो ₹103 करोड़ से बढ़कर ₹120 करोड़ हो गई है। इसकी बदौलत EBITDA भी 55% उछलकर ₹13 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो कंपनी के बेहतर मैनेजमेंट को दर्शाता है। कंपनी ने पहली छमाही में ही ₹10 करोड़ का एक्सपोर्ट किया है, जो पिछले पूरे साल के एक्सपोर्ट का लगभग दो-तिहाई है।
भविष्य की योजनाएं (Future Strategy)
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन तिवारी ने साफ किया है कि अब फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने पर है। कंपनी एक 'कैप्टिव सोलर पावर प्लांट' लगा रही है, जिससे भविष्य में बिजली का खर्च कम होगा। इसके साथ ही, मैनेजमेंट इंडस्ट्रियल फुटवियर सेक्टर में नई एक्विजिशन (Acquisitions) पर भी विचार कर रही है ताकि बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।
निवेशकों के लिए सावधानी
मुनाफे का आंकड़ा सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को SME स्टॉक्स से जुड़ी 'लिक्विडिटी' की चुनौती को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चूंकि इन शेयरों में वॉल्यूम कम होता है, इसलिए एंट्री और एग्जिट में सावधानी जरूरी है। भविष्य की ग्रोथ पूरी तरह से कंपनी के उन प्रोजेक्ट्स के सफल निष्पादन पर टिकी है, जिनमें अब IPO के जरिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल किया जाएगा।
