APL Apollo Tubes ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में **9.63 लाख टन** की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले **13%** ज्यादा है। हालांकि, इतने शानदार ऑपरेशंस के बाद भी गुरुवार के सत्र में शेयर पर दबाव दिखा।
उत्पादन में बड़ी छलांग
कंपनी ने ऑपरेशंस के मामले में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी की बिक्री 9,63,143 टन रही। यह आंकड़ा न केवल पिछले साल की समान अवधि से 13% अधिक है, बल्कि पिछली तिमाही के मुकाबले 29% की जबरदस्त ग्रोथ दर्शाता है। भारत और UAE में 11 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ, कंपनी लगातार अपनी सप्लाई चेन को मजबूत कर रही है।
H1 प्रदर्शन और मार्केट का मिजाज
अगर हम चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1FY27) को देखें, तो कुल बिक्री 17,07,966 टन रही है, जो पिछले साल की तुलना में 4% की धीमी ग्रोथ है। हालिया तिमाही के बेहतर नतीजों के बावजूद, पहली छमाही की सुस्ती निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर रही है। गुरुवार के कारोबार में शेयर का दबाव इसी मार्केट कॉशन को दर्शाता है, जहां इन्वेस्टर्स सिर्फ प्रोडक्शन नहीं, बल्कि मार्जिन और डिमांड की सस्टेनेबिलिटी पर भी नजर रख रहे हैं।
क्या हैं मुख्य जोखिम?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा चैलेंज कच्चे माल की कीमत है। कंपनी का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से Hot Rolled Coil (HRC) स्टील की कीमतों पर निर्भर करता है। अगर HRC के दाम बढ़ते हैं और कंपनी उसे ग्राहकों पर पास नहीं कर पाती, तो नेट प्रॉफिट पर असर पड़ना तय है।
इसके अलावा, स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब सेक्टर में कॉम्पिटिशन भी बढ़ा है। नई कैपेसिटी आने के चलते मार्केट में प्राइसिंग का दबाव बन सकता है। आने वाले समय में यह देखना जरूरी होगा कि क्या कंपनी अपनी मार्केट लीडरशिप को बरकरार रखते हुए मार्जिन की रक्षा कर पाती है या नहीं।
