APL Apollo Q2 Results: वॉल्यूम में **13%** का उछाल, लेकिन क्या कंपनी अपने सालाना लक्ष्य को छू पाएगी?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
APL Apollo Q2 Results: वॉल्यूम में **13%** का उछाल, लेकिन क्या कंपनी अपने सालाना लक्ष्य को छू पाएगी?

APL Apollo Tubes ने Q2 FY27 में **9,63,143 टन** का रिकॉर्ड सेल्स वॉल्यूम दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर **13%** की बढ़त दिखाता है। हालांकि, छमाही आधार पर केवल **4%** की ग्रोथ मैनेजमेंट के **15-20%** के सालाना टारगेट के मुकाबले सुस्त दिख रही है।

सेल्स की रफ्तार और चुनौतियां

सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही में कंपनी ने 9,63,143 टन की रिकॉर्ड बिक्री की है। यह आंकड़ा पिछली तिमाही के मुकाबले 29% का सुधार दिखाता है, लेकिन पहली छमाही (H1) की कुल 4% की ग्रोथ कंपनी के 15-20% के सालाना गाइडेंस से काफी पीछे है। इससे निवेशकों में यह संशय है कि क्या कंपनी आने वाले महीनों में इस गैप को भर पाएगी।

इंटरनेशनल मार्केट और ब्रांड पर दबाव

कंपनी के प्रदर्शन में मिला-जुला असर दिख रहा है। जहां घरेलू बाजार में कोर ब्रांड्स और रूफिंग प्रोडक्ट्स ने रफ्तार भरी, वहीं इंटरनेशनल ऑपरेशन्स, खासकर UAE में वॉल्यूम में 55% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, बजट-फ्रेंडली 'SG Premium' ब्रांड के वॉल्यूम में भी 30% की कमी आई है, जो बताता है कि सस्ते सेगमेंट में अन-ऑर्गनाइज्ड प्लेयर्स से कड़ी टक्कर मिल रही है।

भविष्य की रणनीति और विस्तार

APL Apollo का लक्ष्य 80 लाख टन प्रति वर्ष की कैपेसिटी तक पहुंचना है। कंपनी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में नए प्लांट्स शुरू करने की तैयारी में है ताकि लॉजिस्टिक्स को सुधारा जा सके। कंपनी का फोकस वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी को 80% तक ले जाने का है, ताकि हॉट-रोल्ड कॉइल्स (HRC) की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर मुनाफे पर न पड़े।

फिलहाल शेयर ₹2,115 के आसपास ट्रेड कर रहा है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या मैनेजमेंट दूसरी छमाही में वॉल्यूम ग्रोथ को रफ्तार देकर पुराने लक्ष्य को हासिल कर पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.