दमदार नतीजों के बीच मेगा प्लांट की घोषणा
AM/NS India ने 2026 की पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी की बिक्री 12% बढ़कर $1.62 बिलियन (लगभग ₹13,500 करोड़) हो गई, वहीं बिक्री की मात्रा 6% बढ़ी। इन बेहतरीन नतीजों के पीछे बिक्री में वृद्धि और कॉस्ट मैनेजमेंट का अहम योगदान रहा। इसी उत्साह के बीच, कंपनी ने आंध्र प्रदेश के राजय्यपेटा में एक विशाल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगाने की योजना का ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट पर $7.5 से $8 बिलियन (लगभग ₹62,500 से ₹66,000 करोड़) का भारी निवेश होने की उम्मीद है, जिसे अगले पांच से छह सालों में पूरा किया जाएगा। शुरुआती चरण में इसकी क्षमता 8.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (82 लाख टन) रखने का लक्ष्य है।
ग्लोबल सुस्ती और बड़े जोखिम
यह मेगा प्रोजेक्ट, जिसकी अनुमानित लागत $8 बिलियन तक जा सकती है, ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्टील डिमांड में सुस्ती देखी जा रही है। 2026 के लिए वैश्विक स्टील डिमांड में केवल 0.3% की मामूली वृद्धि का अनुमान है। हालांकि, भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोबाइल सेक्टर के चलते 7.4% से 10% तक की मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन वैश्विक परिदृश्य चुनौतियों भरा है।
इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन (क्रियान्वयन) में बड़े जोखिम भी हैं। प्लांट को 2030-2031 तक तैयार करने का लक्ष्य है, जिसमें कई साल लग जाएंगे। पर्यावरण की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन कच्चे माल (आयरन ओर) की सप्लाई के लिए NMDC के साथ हुए एग्रीमेंट पर भी सबकी नजरें होंगी।
पैरेंट कंपनी का कर्ज और वैल्यूएशन का सवाल
चिंताओं को और बढ़ाते हुए, AM/NS India की पैरेंट कंपनी ArcelorMittal का ग्लोबल EBITDA ग्रोथ सिर्फ 6% रहा, जो भारतीय ऑपरेशंस की तुलना में काफी कम है। ArcelorMittal पर $9.3 बिलियन (लगभग ₹77,000 करोड़) का नेट डेट (Net Debt) है और इसी तिमाही में $1.3 बिलियन (लगभग ₹1100 करोड़) का फ्री कैश आउटफ्लो (Free Cash Outflow) भी दर्ज किया गया। ऐसे में, इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए फंड जुटाना कंपनी के लिए एक चुनौती हो सकती है।
एक और बड़ा सवाल वैल्यूएशन का है। ArcelorMittal का P/E रेशियो लगभग 15 के आसपास है, जबकि भारतीय कंपनियाँ JSW Steel और Tata Steel 37-53 और 27-39 जैसे ऊंचे मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रही हैं। यह दिखाता है कि निवेशक भारतीय स्टील कंपनियों की ग्रोथ की संभावनाओं और एफिशिएंसी को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। ऐसे में, $8 बिलियन के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर यह भारी-भरकम निवेश कितना फायदेमंद होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
एनालिस्ट्स (Analysts) की राय मिली-जुली है, ज्यादातर 'होल्ड' रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट प्राइस में 10-28% तक का अपसाइड देख रहे हैं। कुछ एनालिस्ट्स ने आर्थिक जोखिमों के चलते रेटिंग कम की है, वहीं कुछ यूरोपियन ट्रेड पॉलिसी और कैपिटल स्पेंडिंग को लेकर पॉजिटिव हैं। राजय्यपेटा प्रोजेक्ट की सफलता कुशल एग्जीक्यूशन, सरकारी नीतियों और भारत में लगातार डिमांड ग्रोथ पर निर्भर करेगी।
