वोकेशनल ट्रेनिंग में इंडस्ट्री की एंट्री!
सरकार की ₹60,000 करोड़ की PM-SETU (Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs) स्कीम के तहत, विशाखापत्तनम ITI क्लस्टर के लिए स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को मंज़ूरी मिल गई है। ये भारत में वोकेशनल ट्रेनिंग के मॉडल में एक बड़ा बदलाव है। अब सरकारी ITI, इंडस्ट्री-मैनेज्ड हब बनेंगे। इस नए हब-एंड-स्पोक मॉडल में, एक स्पेशल पर्पज़ व्हीकल (SPV) बनेगा जिसमें 51% हिस्सेदारी इंडस्ट्री की और 49% सरकार की होगी। इसका मकसद ये सुनिश्चित करना है कि टेक्निकल ट्रेनिंग लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चले।
AM/NS India के लिए ये क्यों है स्ट्रैटेजिक?
AM/NS India के लिए ये सिर्फ एक CSR एक्टिविटी नहीं, बल्कि अपने भविष्य के लिए एक स्ट्रैटेजिक कदम है। कंपनी आंध्र प्रदेश में ₹70,000 करोड़ का बड़ा निवेश करके एक नया इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट लगा रही है। इस ITI को मैनेज करके, कंपनी सीधे तौर पर उन टेक्नीशियंस और ऑपरेटर्स को ट्रेन कर पाएगी जिनकी उसे अपने 8.2 मिलियन टन क्षमता वाले प्लांट के लिए ज़रूरत होगी। इस पहल से भारत में वोकेशनल ट्रेनिंग संस्थानों में स्किल गैप की पुरानी समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।
क्या हैं चुनौतियां?
हालांकि इंडस्ट्री-मैनेज्ड मॉडल एफिशिएंसी का वादा करता है, लेकिन इसमें कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं। भारत में वोकेशनल रिफॉर्म के पिछले प्रयासों में प्लेसमेंट रेट अक्सर कम रहा है। NITI Aayog की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारी सरकारी खर्च के बावजूद प्लेसमेंट रेट बहुत कम था। SPV स्ट्रक्चर में गवर्नेंस के रिस्क भी हैं, खासकर स्टील साइकल में मंदी के दौरान इंडस्ट्री पार्टनर्स की लॉन्ग-टर्म प्रतिबद्धता को लेकर। ग्लोबल स्टील प्राइसेज पर कच्चे माल की बढ़ती लागत और घटती डिमांड का दबाव है, ऐसे में हाई-क्वालिटी ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखना एक बड़ा फाइनेंशियल बोझ बन सकता है।
आगे का रास्ता?
स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप मिनिस्ट्री 32 राज्यों और यूनियन टेरिटरीज़ में ऐसे ही SIP अप्रूवल जारी करने की तैयारी में है। इसके लिए वर्ल्ड बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक से को-फाइनेंसिंग भी ली जाएगी। Hero MotoCorp, Bajaj Auto और Hindustan Aeronautics Ltd जैसी बड़ी कंपनियां भी इस फ्रेमवर्क का हिस्सा हैं। विशाखापत्तनम पायलट प्रोजेक्ट की सफलता बहुत अहम होगी। अगर AM/NS India अपने ट्रेनीज़ के लिए एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स में सुधार दिखा पाती है, तो यह मॉडल बाकी 1,000 ITIs को मॉडर्न बनाने का टेम्पलेट बन सकता है और देश के 2047 इंडस्ट्रियल लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकता है।
