फंड जुटाने का प्लान और प्रमुख निवेशक
AMIC Forging अपने कन्वर्टिबल वॉरंट (Convertible Warrants) और इक्विटी शेयर (Equity Shares) के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए करीब ₹221 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी ₹1,525 प्रति इंस्ट्रूमेंट की कीमत पर 14,22,900 वॉरंट और 26,200 इक्विटी शेयर जारी करेगी। इस इश्यू से कंपनी को वॉरंट से लगभग ₹216.99 करोड़ और इक्विटी शेयर से ₹3.99 करोड़ मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि Motilal Oswal Financial Services Limited और Mukul Mahavir Agarwal जैसे बड़े और जाने-माने निवेशक भी इस फंड जुटाने की प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं।
शेयर में दिखी जोरदार तेजी
इस बड़ी खबर का असर शेयर बाजार में तुरंत दिखा। AMIC Forging का शेयर 8.23% की उछाल के साथ ₹1,759.10 पर बंद हुआ। ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी सक्रिय रहा, जिसमें औसतन 394,000 शेयर हर दिन ट्रेड हुए।
फंड का इस्तेमाल और सेक्टर ग्रोथ
कंपनी का लक्ष्य इस कैपिटल इंफ्यूजन से अपनी फाइनेंशियल पोजीशन को मजबूत करना और भारत के इंडस्ट्रियल, डिफेंस और रेलवे जैसे अहम सेक्टर्स में विस्तार को बढ़ावा देना है। ये सेक्टर सरकारी फोकस और पॉजिटिव इकोनॉमिक ट्रेंड्स का फायदा उठा रहे हैं। फरवरी 2026 में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 5.2% की ग्रोथ देखी गई थी, जो इस सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है। डिफेंस और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़े निवेश की योजनाएं हैं।
वैल्यूएशन और रिस्क फैक्टर
हालांकि, AMIC Forging के वैल्यूएशन पर गौर करना जरूरी है। कंपनी का अनुमानित P/E रेश्यो लगभग 55x है, जो भारतीय मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के औसत 23.4x और पीयर कंपनियों के औसत 50.5x से काफी ज्यादा है। वहीं, MM Forgings का P/E 23.36x और Happy Forgings का 47.65x है। बड़ी कंपनी Bharat Forge का P/E 116.18x है। शेयर का प्राइस-टू-बुक (P/B) रेश्यो लगभग 8.5x है, जिसकी बुक वैल्यू प्रति शेयर ₹205.26 है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 25 में रेवेन्यू में गिरावट भी दर्ज की थी, जो सेक्टर की पॉजिटिव गति के विपरीत है।
डाइल्यूशन और भविष्य की योजनाएं
कन्वर्टिबल वॉरंट्स के इश्यू से अगले 18 महीनों में मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन (Dilution) का खतरा पैदा हो सकता है, जो प्रति शेयर आय (EPS) पर असर डाल सकता है। AMIC Forging अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को बढ़ाने की भी योजना बना रही है, जिसके लिए 5 जून, 2026 को होने वाली EGM (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) में शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी। कंपनी का मार्केट कैप ₹1,946 करोड़ से ₹2,010 करोड़ के बीच है, जो इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ियों की तुलना में काफी छोटा है। हाई P/E रेश्यो यह बताता है कि स्टॉक की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले से ही शामिल है, ऐसे में अगर कंपनी अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाती है तो जोखिम बढ़ सकता है।
