AI के डर से IT सेक्टर (IT Sector) में मची खलबली के बीच, Infosys ने एक बड़ी पार्टनरशिप का ऐलान करके निवेशकों को राहत दी है। कंपनी ने AI फर्म Anthropic के साथ हाथ मिलाया है, जिससे Infosys के शेयर 3% से 5% तक उछल गए।
यह नई AI पार्टनरशिप खासतौर पर टेलिकॉम और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे रेगुलेटेड इंडस्ट्रीज के लिए एंटरप्राइज-ग्रेड AI सॉल्यूशंस (Enterprise-focused AI solutions) बनाने पर फोकस करेगी। इस डील के चलते, जो IT इंडेक्स (Nifty IT Index) पहले AI के डर से 30% तक गिर चुका था और अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज (200-day moving average) से नीचे चला गया था, उसने 1.74% का जोरदार वापसी की।
IT सेक्टर की इस वापसी के साथ ही पब्लिक सेक्टर बैंक्स (PSU Banks) भी लगातार मजबूत बने रहे। Nifty PSU Bank Index में 2.11% का उछाल देखा गया। एनालिस्ट्स (Analysts) का कहना है कि PSU Banks के नतीजे (Q3 Earnings) शानदार रहे हैं और रेगुलेटरी सपोर्ट भी मिल रहा है, जिससे उनका वैल्यूएशन (Valuation) बेहतर हो रहा है। उदाहरण के तौर पर, State Bank of India (SBI) का P/E रेश्यो (P/E ratio) 11.90-13.13 के आसपास रहा, जो HDFC Bank जैसे कुछ साथियों से काफी कम है।
हालांकि, बाजार की ये बढ़त कुछ चुनिंदा सेक्टर्स तक ही सीमित रही। जहां IT और PSU Banks चमके, वहीं मेटल (Metals) और रियल एस्टेट (Realty) जैसे सेक्टर्स में गिरावट देखी गई। दिन के अंत में, Nifty 50 0.17% बढ़कर 25,725.40 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 0.21% की बढ़त के साथ 83,450.96 पर पहुंच गया। इंडिया VIX (India VIX) 13 के नीचे आ गया, जो घबराहट में कमी का संकेत है, लेकिन बाजार में सावधानी का माहौल अभी भी बना हुआ है।
Infosys का P/E रेश्यो 19.83-22.63 के दायरे में दिख रहा है, जो हालिया गिरावट के बाद आकर्षक लग सकता है। लेकिन AI को लेकर अनिश्चितता बाजार की आगे की ग्रोथ को लेकर थोड़ी शंका पैदा कर रही है। दूसरी ओर, TCS जैसी बड़ी IT कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) फरवरी 2026 की शुरुआत में ₹10 लाख करोड़ से नीचे चला गया था, जो दिसंबर 2020 के बाद पहली बार था, क्योंकि AI के डर ने कंपनी की वैल्यू को प्रभावित किया था। TCS का P/E रेश्यो 19.05-21.38 था, जो IT इंडस्ट्री के एवरेज 27.7 से काफी कम है।
दिन की बढ़त के बावजूद, IT सेक्टर के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। AI किस हद तक सर्विसेज को ऑटोमेट (Automate) कर सकता है, मार्जिन (Margins) को कम कर सकता है और रेवेन्यू (Revenue) को 10-12% तक घटा सकता है, ये चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। Infosys का AI-डील्स पर निर्भर रहना एक तरफ ग्रोथ का मौका है, तो दूसरी तरफ यह सर्विसिंग की जरूरत को कम कर सकता है। इसके अलावा, भारतीय रुपये (Indian Rupee) का भविष्य भी अनिश्चित है। MUFG की मानें तो 2026 तक USD/INR 92.00 तक जा सकता है, जो फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Foreign Institutional Investors - FIIs) के फ्लो को प्रभावित कर सकता है।
PSU Banks भले ही आकर्षक लग रहे हों, लेकिन कुछ एनालिस्ट्स SBI का 14.46 का P/E रेश्यो भी महंगा मान रहे हैं। आगे चलकर, बाजार में कंसॉलिडेशन (Consolidation) और हल्की पॉजिटिव बायस (Marginal positive bias) रहने की उम्मीद है, जो AI की चाल और अर्निंग्स सीजन (Earnings Season) के खत्म होने पर निर्भर करेगा। Nifty 50 के लिए FY2027 और FY2028 में क्रमशः 16% और 15% नेट प्रॉफिट ग्रोथ का अनुमान है, लेकिन ग्लोबल स्लोडाउन (Global Slowdown) और कुछ सेक्टर्स में मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) जैसे कि ऑटोमोबाइल्स (Automobiles) और कंज्यूमर स्टेपल्स (Consumer Staples) खतरे की घंटी हैं।