AI बूम का पावर! भारत के पावर स्टॉक्स में तूफानी तेजी, MNCs की चमक बढ़ी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
AI बूम का पावर! भारत के पावर स्टॉक्स में तूफानी तेजी, MNCs की चमक बढ़ी
Overview

भारत के पावर सेक्टर (Power Sector) में शुक्रवार को ज़बरदस्त रौनक देखने को मिली। BSE Power इंडेक्स **1.5%** से ज़्यादा उछला, जिसकी अगुवाई ABB India, Siemens India और Hitachi Energy India जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) ने की। AI और बिजली की बढ़ती वैश्विक मांग इस तेज़ी के पीछे के मुख्य कारण हैं।

AI और बिजली की रिकॉर्ड मांग ने पावर स्टॉक्स को दी उड़ान

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते क्रेज़ और देश के तेज़ 'इलेक्ट्रीफिकेशन' यानी हर घर तक बिजली पहुंचाने के मिशन ने पावर स्टॉक्स (Power Stocks) को एक नई उड़ान दी है। शुक्रवार को BSE Power इंडेक्स में 1.5% से ज़्यादा की ज़ोरदार तेज़ी देखी गई, जो बाज़ार के बाकी सूचकांकों (Indices) से कहीं बेहतर प्रदर्शन था। इस उछाल में ABB India, Siemens India और Hitachi Energy India जैसी दिग्गज मल्टीनेशनल कंपनियों का बड़ा हाथ रहा। ABB India के शेयर 8% बढ़कर ₹6,166.95 पर पहुंच गए, वहीं Hitachi Energy India ने तो ₹23,780 के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ। Siemens के शेयर भी ₹3,235 पर मजबूत दिखे। Torrent Power, Tata Power, NTPC और CG Power जैसी अन्य कंपनियों के शेयरों में भी 1% से 3% तक की बढ़त दर्ज की गई।

AI का पावरप्ले और इलेक्ट्रीफिकेशन का मिशन

पावर स्टॉक्स की इस तेज़ी का सीधा संबंध भारत के महत्वाकांक्षी विद्युतीकरण एजेंडे और बिजली की वैश्विक मांग से है, जिसके 70% से ज़्यादा बढ़ने का अनुमान है। भारत का लक्ष्य 2030 तक प्रति व्यक्ति बिजली खपत 2,000 kWh तक पहुंचाना है। इसी के साथ, AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेटा सेंटरों में भारी निवेश एक नया बड़ा कारक बनकर उभरा है। भारत खुद को AI हब बनाने की राह पर है, जिसके लिए $200 बिलियन तक के डेटा सेंटर निवेश की उम्मीद है। Google, Microsoft, Amazon जैसी टेक दिग्गज कंपनियां इसमें बड़ी रकम लगा रही हैं। Adani Group भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर में $100 बिलियन का निवेश करने की योजना बना रहा है। इस AI क्रांति से भारत का AI डेटा सेंटर मार्केट 2033 तक $41.7 बिलियन तक पहुंच सकता है, जो 28.2% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगा।

कंपनियों का दमदार प्रदर्शन और भविष्य की राह

ABB India के हालिया नतीजों में ऑर्डर बुक में 52% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹4,096 करोड़ तक पहुंच गई। यह पिछले 5 सालों में किसी भी चौथी तिमाही (Q4) में सबसे बड़ा आंकड़ा है। डेटा सेंटर, ऑटोमोटिव और रेलवे जैसे क्षेत्रों से मिले ऑर्डर्स ने इसकी चमक बढ़ाई। कंपनी की ऑर्डर बैकलॉग 12% बढ़कर ₹10,471 करोड़ हो गई है, जिससे आने वाली आय की स्पष्ट तस्वीर दिखती है। Hitachi Energy India ने तीसरी तिमाही (Q3) में टैक्स-पूर्व मुनाफे (PBT) में 88.9% और टैक्स-पश्चात मुनाफे (PAT) में 90.3% की शानदार वृद्धि दर्ज की। इसकी ऑर्डर बैकलॉग ₹29,872.2 करोड़ है। यूनियन बजट में टेक्नोलॉजी, कैपिटल एक्सपेंडिचर और AI डेटा सेंटर्स पर ज़ोर देने से भी इन कंपनियों को बल मिला है। EU-India Free Trade Agreement भी क्लीन एनर्जी पर सहयोग बढ़ाएगा।

वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय: क्या है चिंता?

हालांकि, इन पावर सेक्टर की कंपनियों की वैल्यूएशन (Valuation) यानी मौजूदा शेयर भाव पर सवाल उठ रहे हैं। Hitachi Energy India का P/E रेश्यो 118.58 से 125.13 के बीच है, जो दर्शाता है कि भविष्य की ग्रोथ पहले ही शेयर की कीमतों में शामिल हो चुकी है। ABB India का P/E रेश्यो लगभग 67.5 और Siemens India का 48.4 है। ज़्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) का नज़रिया सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन कुछ मतभेद भी हैं। Hitachi Energy India को लेकर एनालिस्ट्स की 'Buy' रेटिंग है और टारगेट प्राइस लगभग ₹23,197.69 है। Siemens India को लेकर भी 'Buy' की राय है, टारगेट प्राइस ₹3,300-₹3,342 के आसपास है। वहीं, ABB India को लेकर एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है, कुछ 'Reduce' से 'Buy' तक की रेटिंग दे रहे हैं, और नोमुरा (Nomura) ने टारगेट प्राइस ₹4,620 दिया है, जो मौजूदा भाव से कम है।

मार्जिन दबाव और अन्य जोखिम

मांग भले ही मजबूत हो, लेकिन मार्जिन (Margin) में सुधार के लिए कंपनियों को कुशल लागत प्रबंधन (Cost Management) पर ध्यान देना होगा। ABB India के Q4 नतीजों में, ऑर्डर तो बढ़े, लेकिन उसका एडजस्टेड PAT 9% घटा, जो मार्जिन पर दबाव का संकेत देता है। इन कंपनियों का हाई P/E रेश्यो इन्हें किसी भी चूक के प्रति संवेदनशील बनाता है। एक और बड़ा जोखिम डेटा सेंटरों में पानी का बढ़ता उपयोग है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2030 तक डेटा सेंटरों की पानी की खपत दोगुनी से ज़्यादा हो सकती है, जो पहले से ही पानी की कमी वाले इलाकों में समस्या पैदा कर सकती है।

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