ACC ने जून तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में **60%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का प्रॉफिट घटकर **₹147 करोड़** रह गया, जबकि रेवेन्यू (Revenue) में भी **8%** की कमी आई और यह **₹5,790 करोड़** पर आ गया।
Detailed Coverage
क्यों गिरी ACC की कमाई?
ACC के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी को बिक्री में आई कमी और ऑपरेशनल खर्चों में हुई बढ़ोतरी का खामियाजा भुगतना पड़ा है। खासकर, पैरेंट कंपनी Ambuja Cements के साथ हुए मास्टर सप्लाई एग्रीमेंट (MSA) का असर साफ दिख रहा है। इस एग्रीमेंट के तहत इस तिमाही में ज्यादा बिक्री की गई, जिससे ACC की मार्जिन पर दबाव बढ़ा।
इसके अलावा, कंपनी के कई बड़े इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में प्लान्ट मेंटेनेंस के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे कुल बिक्री योग्य सीमेंट की मात्रा कम हो गई। इन सब वजहों से कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) भी 41% गिरकर ₹457 करोड़ रहा।
सेक्टर पर भी दबाव
सिर्फ ACC ही नहीं, बल्कि पूरे सीमेंट सेक्टर पर इन दिनों लागत का दबाव बना हुआ है। ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल टेंशन के चलते ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट (Logistics Cost) में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, पेटकोक (Petcoke) और थर्मल कोल (Thermal Coal) जैसे इंपोर्टेड फ्यूल की कीमतें भी बढ़ी हैं। सीमेंट प्रोडक्शन एनर्जी-इंटेंसिव होने के कारण इन लागतों में वृद्धि का सीधा असर कंपनियों के प्रॉफिट पर पड़ रहा है।
आगे क्या?
कंपनी फिलहाल Ambuja Cements के साथ मर्जर (Amalgamation) की प्रक्रिया में जुटी है, जिससे 'वन सीमेंट' प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी है। SEBI से इस पर 'नो ऑब्जेक्शन' मिल गया है, लेकिन NCLT (National Company Law Tribunal) की मंजूरी बाकी है। उम्मीद है कि यह मर्जर फाइनेंशियल ईयर 2027 तक पूरा हो जाएगा।
निवेशकों के लिए, आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ACC फ्यूल कॉस्ट में हुई बढ़ोतरी का सामना कैसे करती है, क्योंकि इसमें 60-90 दिनों का लैग (lag) होता है। साथ ही, कंपनी की नई कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स (Capacity Expansion Projects) से दूसरी छमाही में बिक्री और एफिशिएंसी कितनी सुधरती है, इस पर भी नजरें रहेंगी।
