ऑर्डर बुक में 'तूफान', पर मार्जिन पर 'ग्रहण'
ABB India इस वक्त जबरदस्त ऑर्डर इनफ्लो (Order Inflow) देख रही है। कंपनी के पास भारी-भरकम बैकलॉग (Backlog) है, खासकर डेटा सेंटर जैसे तेजी से बढ़ते सेगमेंट में, जो भविष्य के रेवेन्यू (Revenue) का मजबूत संकेत दे रहा है। लेकिन, यह टॉप-लाइन ग्रोथ (Top-line Growth) मटेरियल कॉस्ट (Material Cost) में बढ़ोतरी, करेंसी के उतार-चढ़ाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण मार्जिन पर पड़ रहे दबाव के आगे फीकी पड़ रही है। कंपनी का प्रीमियम वैल्यूएशन (Premium Valuation), जो लगभग 53-75 गुना फॉरवर्ड अर्निंग्स (Forward Earnings) पर ट्रेड कर रहा है, अब इस बात पर निर्भर करता है कि वह ऑर्डर एग्जीक्यूशन (Order Execution) को बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में कैसे बदल पाती है। इस पर एनालिस्ट्स (Analysts) की राय बंटी हुई है।
ऑर्डर की बहार और मजबूत बैकलॉग
ABB India ने 2025 की चौथी तिमाही (Q4 CY2025) में साल-दर-साल 52% की शानदार बढ़ोतरी के साथ लगभग ₹4,096 करोड़ का ऑर्डर इनटेक दर्ज किया है। इस मजबूत बुकिंग की वजह से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग बढ़कर रिकॉर्ड ₹10,471 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की तुलना में 12% ज्यादा है। यह आने वाली तिमाहियों के लिए काफी रेवेन्यू विजिबिलिटी (Revenue Visibility) देता है। इस बैकलॉग का लगभग 70% हिस्सा निकट भविष्य में एग्जीक्यूट (Execute) होने वाला है। खास बात यह है कि इस ऑर्डर बुक का लगभग 10-11% हिस्सा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स (Data Center Projects) के लिए है, जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के विकास से प्रेरित होकर तेजी से विस्तार के लिए तैयार है। 2025 फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹13,203 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 8% अधिक है, और सभी बिजनेस एरिया ने सकारात्मक योगदान दिया है। स्टॉक की मौजूदा कीमत लगभग ₹6,053.95 है, और इसका मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹1,30,170 करोड़ है।
कंपीटिटर्स और सेक्टर की रफ्तार
भारतीय इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट इंडस्ट्री (Electrical Equipment Industry) एक मजबूत ग्रोथ ट्रैक पर है और 2030 तक $130 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इस सेक्टर का विस्तार बढ़ती घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पहलों, रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) में निवेश और ग्लोबल सप्लाई चेन (Supply Chain) के विविधीकरण से प्रेरित है। ABB India इसी अनुकूल मैक्रो एनवायरनमेंट (Macro Environment) में काम कर रही है। हालांकि, इसका वैल्यूएशन साथियों की तुलना में काफी अलग दिखता है। ABB India का ट्रेलिंग P/E रेशियो (Trailing P/E Ratio) लगभग 69.45x से 75.09x के बीच है, जबकि फॉरवर्ड P/E अनुमान लगभग 53x (दो साल आगे का) और 56x (मार्च'28E) है। इसकी तुलना में, लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro - L&T) का P/E लगभग 32-42x है और सीमेंस इंडिया (Siemens India) का P/E 48.6x से 69.34x की रेंज में है। वहीं, व्यापक भारतीय इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री का औसत P/E 25.4x है, जो काफी कम है।
मार्जिन पर दबाव का 'बीयर केस'
लगातार मजबूत ऑर्डर इनफ्लो के बावजूद, ABB India में मार्जिन पर काफी दबाव बना हुआ है। कंपनी ने Q3 CY2025 में साल-दर-साल 18% की गिरावट के साथ नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया। Q4 CY2025 में EBITDA मार्जिन (EBITDA Margins) लगभग 15.4% तक सिकुड़ गए, जो पहले के उच्च स्तरों से नीचे हैं। इसका मुख्य कारण मटेरियल कॉस्ट में महंगाई, क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) नॉर्म्स के कारण बढ़ा हुआ इंपोर्ट कंटेंट (Import Content), प्रतिकूल विदेशी मुद्रा (Forex) मूवमेंट और इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) व मोशन (Motion) बिज़नेस में बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा है। मैनेजमेंट का CY26 के लिए 12-15% का PAT मार्जिन का गाइडेंस (Guidance) सुधार का संकेत देता है, लेकिन यह इंपोर्टेड मटेरियल कॉस्ट के दबाव को दर्शाता है। इंडस्ट्री एवरेज और L&T जैसे बड़े कांग्लोमेरेट्स (Conglomerates) की तुलना में बहुत अधिक वैल्यूएशन प्रीमियम, अगर मार्जिन रिकवरी धीमी रहती है तो डाउनसाइड प्रोटेक्शन (Downside Protection) को सीमित कर देता है। एनालिस्ट्स की आम राय ABB India के लिए 'होल्ड' (Hold) की है, जिसमें औसत 1-वर्षीय प्राइस टारगेट (Price Target) मौजूदा स्तरों से संभावित गिरावट का संकेत देते हैं।
भविष्य की राह
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मजबूत बेस ऑर्डर कन्वर्जन (Order Conversion) के दम पर CY26 में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) देखने को मिलेगी। कंपनी डेटा सेंटर्स, रेल और मेट्रो, रिन्यूएबल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई-पोटेंशियल सेगमेंट पर फोकस कर रही है। हालांकि निकट अवधि में मार्जिन का दबाव बना हुआ है, CY26 में 12-15% PAT मार्जिन तक सुधार की उम्मीद है। एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है, कुछ 'बाय' (Buy) रेटिंग और आक्रामक प्राइस टारगेट बनाए हुए हैं, जबकि अन्य वैल्यूएशन और मार्जिन की अनिश्चितता को देखते हुए 'होल्ड' या 'सेल' (Sell) की सलाह दे रहे हैं। स्टॉक फिलहाल अपने दो-साल के फॉरवर्ड अर्निंग्स के 53.5 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो कि ऑर्डर एग्जीक्यूशन को विजिबल मार्जिन स्टेबलाइजेशन (Margin Stabilization) और प्रॉफिटेबिलिटी रिकवरी (Profitability Recovery) में बदलने की क्षमता पर टिका है।