ऑर्डर बुक में बंपर उछाल, पर महंगे वैल्यूएशन पर मंडराए सवाल
ABB India के लिए Q4CY25 के नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर आए हैं, जिसमें ऑर्डर मिलने में जबरदस्त तेजी देखी गई है। यह तेजी कंपनी को ग्रोथ के रास्ते पर तो ले जा रही है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या मौजूदा स्टॉक प्राइस (Stock Price) इस ग्रोथ को दिखाता है या फिर यह वैल्यूएशन (Valuation) के लिहाज़ से महंगा है।
ऑर्डर इनफ्लो में 52% की शानदार बढ़त
Motilal Oswal की रिपोर्ट के अनुसार, ABB India के ऑर्डर इनफ्लो में पिछले साल की तुलना में 52% का भारी उछाल आया है। इसमें सामान्य ऑर्डर्स में 27% की बढ़ोतरी हुई, जबकि बड़े ऑर्डर्स भी कंपनी को मिले हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे तेज़ी से बढ़ते सेक्टर्स से मिल रहे इन ऑर्डर्स से कंपनी को काफी फायदा होने की उम्मीद है। लगभग ₹1.27 लाख करोड़ के मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) वाली ABB India पर पिछले पांच सालों से कोई कर्ज नहीं है, जो इसे और भी मज़बूत बनाता है।
मार्जिन में सुधार की उम्मीद
Motilal Oswal का मानना है कि लेबर कोड (Labour Code) से जुड़े खर्चों का असर अब कम होगा, जिससे कंपनी के मार्जिन (Margin) में सुधार की गुंजाइश है। Q4CY25 में EBITDA मार्जिन उम्मीद के मुताबिक ही रहे, लेकिन आगे चलकर खर्चों पर नियंत्रण और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) से कंपनी बेहतर नतीजे पेश कर सकती है। दिसंबर 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए, ABB India का EBITDA मार्जिन 16.04% और PAT ग्रोथ 5.82% रहा, जबकि कुल आय 7.03% बढ़ी।
वैल्यूएशन पर चिंता बरकरार
ABB India का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 72-76x के आसपास है। यह अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी ज़्यादा है। उदाहरण के लिए, Larsen & Toubro का P/E 35-42x, Siemens India का 60-75x और Havells India का 60-69x है। भारतीय इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री का औसत P/E केवल 25.4x है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स इसे पीयर एवरेज 103.3x के मुकाबले सस्ता बताती हैं, लेकिन अपने मौजूदा स्तर पर यह महंगा नज़र आता है। इतने ऊँचे P/E का मतलब है कि शेयर की कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले से ही शामिल है, ऐसे में अगर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं रहा तो गिरावट का खतरा बढ़ सकता है।
सेक्टर का सहारा और एग्जीक्यूशन रिस्क
भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेज़ी से बढ़ रहा है, जिसके FY26 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। सरकारी पहलों जैसे 'मेक इन इंडिया' (Make in India) और PLI स्कीम से इसे और बल मिल रहा है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर भी तेज़ी से फैल रहा है, और डेटा सेंटर मार्केट में भी 20% से ज़्यादा की CAGR ग्रोथ की उम्मीद है।
हालांकि, इतनी ऊंची वैल्यूएशन पर कंपनी पर अपनी क्षमता के अनुसार प्रोडक्शन बढ़ाने, क्वालिटी बनाए रखने और समय पर डिलीवरी देने का दबाव होगा। पिछले कुछ समय में मार्जिन पर दबाव और ऑर्डर मिलने में अनिश्चितता इसके एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) को उजागर करती है। इनपुट कॉस्ट (Input Cost) में उतार-चढ़ाव और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।
एनालिस्ट्स के मिले-जुले विचार
Motilal Oswal ने ₹6,600 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तरों से काफी ऊपर है। वहीं, Trendlyne जैसे अन्य एनालिस्ट्स का औसत टारगेट ₹5,497 के आसपास है। Alpha Spread और TradingView के आंकड़ों के अनुसार, 1-साल का औसत टारगेट ₹5,374 है, जिसकी रेंज ₹4,248 से ₹6,510 तक है। सबसे अहम बात यह है कि ज़्यादातर एनालिस्ट्स की आम राय (Consensus) 'Buy' के बजाय 'Hold' की है, जो बताता है कि ऑर्डर बुक भले ही मजबूत हो, लेकिन वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए कंपनी को लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
आगे का रास्ता
ABB India के पास मजबूत ऑर्डर बुक होने से नज़दीकी भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। लेकिन, कंपनी को एग्जीक्यूशन की चुनौतियों से निपटना होगा, बिक्री को मार्जिन में बदलना होगा और ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखनी होगी। मौजूदा वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स के मिले-जुले नज़रिया को देखते हुए, निवेशकों को कंपनी के प्रदर्शन और मार्जिन पर पैनी नज़र रखनी होगी।