ABB India Share Price: ऑर्डर बंपर, पर मार्जिन पर दबाव! निवेशकों में कन्फ्यूजन, ब्रोकरेज की मिली-जुली राय

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
ABB India Share Price: ऑर्डर बंपर, पर मार्जिन पर दबाव! निवेशकों में कन्फ्यूजन, ब्रोकरेज की मिली-जुली राय
Overview

ABB India के लिए **2025** की चौथी तिमाही नतीजों का मिला-जुला असर रहा। कंपनी के ऑर्डर इनफ्लो (Order Inflow) में **52%** का शानदार उछाल आया और यह **₹41 अरब** तक पहुंच गया। हालांकि, टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, कंपनी के एडजस्टेड EBITDA मार्जिन में **406 बेसिस पॉइंट** की भारी गिरावट दर्ज की गई।

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ऑर्डर इनफ्लो में बंपर ग्रोथ, पर मार्जिन पर दबाव

ABB India के लिए 2025 की चौथी तिमाही नतीजों में ऑर्डर इनफ्लो (Order Inflow) में 52% का शानदार ईयर-ऑन-ईयर (YoY) उछाल देखा गया, जो ₹41 अरब तक पहुंच गया। यह ग्रोथ 27% की बेस ऑर्डर ग्रोथ और कई बड़े प्रोजेक्ट्स के मिलने से संभव हुई। इसी दौरान, कंपनी का रेवेन्यू 5.71% बढ़कर ₹3,557.01 करोड़ रहा। हालांकि, इस टॉप-लाइन मोमेंटम के बावजूद, कंपनी की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी पर भारी दबाव देखने को मिला। एडजस्टेड EBITDA में 406 बेसिस पॉइंट की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) गिरावट आई और यह 15.5% पर आ गया। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, यह गिरावट कच्चे माल की बढ़ती लागत, फॉरेन एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव और लेबर कोड जैसे कारणों से हुई। हालांकि, कमोडिटी हेजिंग और एफिशिएंसी गेन जैसे उपायों ने इस गिरावट को कुछ हद तक संभाला। 23 फरवरी, 2026 को स्टॉक की कीमत लगभग ₹5,917.50 पर ट्रेड कर रही थी, और दिन के कारोबार में यह ₹5,775 से ₹6,090 के दायरे में रहा, जो इन मिले-जुले नतीजों पर बाजार की दुविधा को दर्शाता है।

वैल्यूएशन की पहेली (Valuation Conundrum)

ABB India का वैल्यूएशन (Valuation) कई एनालिस्ट्स के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कंपनी का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 70x से 76x के बीच है, जो इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर की कई दूसरी कंपनियों की तुलना में काफी ज्यादा है। तुलना करें तो, Polycab India का P/E लगभग 45x, Havells India का 58-60x, और Siemens India का 66-72x के आसपास है। हालांकि ABB India रिटर्न मेट्रिक्स में दमदार है, जैसे ROCE 29.9% और ROE 22.4%, लेकिन इसका प्रीमियम वैल्यूएशन हालिया डाउनग्रेड्स का मुख्य कारण बन रहा है। Emkay Global Financial ने 'Reduce' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹5,600 कर दिया है, जो मार्जिन दबाव और वैल्यूएशन की चिंताओं को दर्शाता है। इसी तरह, Jefferies ने नवंबर 2025 में मार्जिन प्रेशर और कॉम्पिटिशन का हवाला देते हुए 'Hold' पर डाउनग्रेड किया था, और Elara Securities ने मई 2025 में म्यूटेड ग्रोथ की आशंकाओं के चलते 'Reduce' किया था। इसके विपरीत, Motilal Oswal इकलौता ऐसा ब्रोकरेज है जिसने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट ₹6,600 दिया है, उन्हें मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

मंदी की आशंका वाले कारण (Forensic Bear Case)

जो लोग ABB India के शेयर को लेकर थोड़ी सख्ती बरत रहे हैं, उनकी मुख्य चिंता ऑर्डर इनफ्लो बढ़ने के बावजूद कंपनी के मार्जिन में लगातार आ रही गिरावट है। इनपुट कॉस्ट में महंगाई, फॉरेक्स में उतार-चढ़ाव और लेबर रेगुलेशन जैसे फैक्टर्स प्रॉफिटेबिलिटी को दबा रहे हैं, भले ही कंपनी नए बिजनेस हासिल कर रही हो। कॉम्पिटिशन के मामले में ABB India एक डायनामिक मार्केट में काम कर रही है। जहां पिछले पांच सालों में इसका रेवेन्यू ग्रोथ 10.75% रहा है, वहीं Polycab India ने FY25 में 18% YoY ग्रोथ हासिल की और Havells India ने पिछले तीन सालों में 16.12% रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है। Siemens India का 5-साल का रेवेन्यू ग्रोथ 12.33% के आसपास है। इन चुनौतियों के बावजूद, ABB India की बैलेंस शीट मजबूत है, 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी पर कोई भी बकाया कर्ज (Nil outstanding borrowings) नहीं था और ROCE लगभग 30% है। हालांकि, कर्नाटक टैक्स अथॉरिटीज द्वारा कथित उल्लंघन के लिए ₹32.07 लाख का रेगुलेटरी जुर्माना भी ऑपरेशनल रिस्क को उजागर करता है। इसके अलावा, फरवरी 2025 में Nomura द्वारा ऑर्डर इनफ्लो ग्रोथ में बड़ी गिरावट (CY24 में CAGR 23% से घटकर 5%) के चलते किए गए डाउनग्रेड का इतिहास भी ऑर्डर मोमेंटम में बदलाव के प्रति कंपनी की संवेदनशीलता को दिखाता है। ओवरऑल भारतीय इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट मार्केट, जो 15.6% की मजबूत CAGR से बढ़ रहा है, उसे भी सख्त रेगुलेटरी कंप्लायंस और साइबर हमलों जैसे खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिनका असर ABB जैसी कंपनियों पर पड़ सकता है।

भविष्य की राह (Future Outlook)

आगे चलकर ABB India के लिए एक ऐसा बाजार है जहां अंदरूनी मांग (underlying demand) मजबूत है, जैसा कि भारतीय इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर के 2029 तक 15.6% CAGR से बढ़ने के अनुमान से जाहिर होता है। कंपनी का डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल्स और रेलवे जैसे ग्रोथ एरिया में एक्सपोजर एक बड़ा टेलविंड (tailwind) है। लेकिन, लगातार मुनाफा कमाने का रास्ता इनपुट कॉस्ट को प्रभावी ढंग से मैनेज करने और ऑर्डर जीत को बेहतर मार्जिन में बदलने की क्षमता पर निर्भर करेगा। एनालिस्ट्स की आम राय बंटी हुई है, जिसमें Nomura का सतर्क ₹4,970 का टारगेट (पिछले ऑर्डर स्लोडाउन पर आधारित) से लेकर Motilal Oswal का आशावादी ₹6,600 तक शामिल है। यह मार्जिन रिकवरी और मौजूदा ऑर्डर मोमेंटम की स्थिरता पर अलग-अलग विचारों को दर्शाता है। कंपनी की अगली अर्निंग्स रिपोर्ट 19 फरवरी, 2026 के आसपास आने की उम्मीद है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.