नतीजे क्या कहते हैं?
ABB India ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए पूरे कैलेंडर वर्ष के लिए असाधारण नतीजे पेश किए हैं, जो रिकॉर्ड ऑर्डर इनफ्लो (order inflow) और रेवेन्यू ग्रोथ से चिह्नित हैं।
पूरे साल के ऑर्डर्स में 8% की तेजी आई और यह ₹14,115 करोड़ पर पहुंच गए, जबकि रेवेन्यू भी 8% बढ़कर ₹13,203 करोड़ रहा।
कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹2,230 करोड़ रहा, जिसमें 16.9% का मार्जिन हासिल हुआ।
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,669 करोड़ पर रहा, जिससे ₹78.78 प्रति शेयर की अर्निंग्स (EPS) बनी।
चौथी तिमाही में शानदार उछाल
खासकर, चौथी तिमाही (Q4 CY2025) में ऑर्डर ग्रोथ 52% के जबरदस्त आंकड़े पर पहुंची। यह कंपनी के मजबूत बेस बिजनेस और बड़े ऑर्डर्स के टाइमिंग का नतीजा है।
मजबूत ऑर्डर बैकलॉग (Order Backlog)
साल के अंत में कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग ₹10,471 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 12% ज्यादा है। यह आने वाली तिमाहियों के लिए रेवेन्यू की मजबूत विजिबिलिटी (visibility) सुनिश्चित करता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रदर्शन?
यह नतीजे भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ (industrial growth) में ABB India की मजबूत मार्केट पोजीशन और उसकी क्षमता को रेखांकित करते हैं। लगातार रेवेन्यू एक्सपेंशन (revenue expansion) कंपनी के इलेक्ट्रिफिकेशन (electrification) और ऑटोमेशन (automation) सॉल्यूशंस की भारी डिमांड को दर्शाता है।
उभरते उद्योगों, इंफ्रास्ट्रक्चर और कोर सेक्टर्स पर कंपनी का ध्यान, साथ ही 75 वर्षों की मैन्युफैक्चरिंग विरासत, इसे भविष्य में और विस्तार के लिए एक मजबूत स्थिति में रखती है।
डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को देखते हुए, बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹29.59 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है।
जोखिमों पर भी डालें नजर
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। कच्चे माल और लेबर की बढ़ती लागत के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। PBT मार्जिन पिछले साल के 20.5% से घटकर 16.9% हो गया है।
इसके अलावा, SEBI ने पिछले साल नवंबर 2024 में इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) के संबंध में कंपनी के दो कर्मचारियों के खिलाफ चेतावनी पत्र जारी किया था, जिस पर कंपनी को सतत ध्यान देना होगा।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को अब ₹10,471 करोड़ के रिकॉर्ड ऑर्डर बैकलॉग के एग्जीक्यूशन (execution) और मार्जिन पर इसके असर पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
भारत-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के संभावित लाभ और अगले यूनियन बजट 2026-27 का ग्रोथ सेक्टर्स पर प्रभाव भी महत्वपूर्ण रहेगा।