यह मंज़ूरी शेयरधारकों की ओर से 27 फरवरी, 2026 को समाप्त हुए डाक मतपत्र (postal ballot) के ज़रिए दी गई है। कुल पड़े वोटों में से 94% यानी 2,91,72,366 वोटों ने इस ₹1,568.2 करोड़ के सौदे के पक्ष में मतदान किया, जबकि केवल 18,36,512 वोट इसके खिलाफ पड़े।
इस महत्वपूर्ण फैसले से ABB India अपने ऑपरेशन्स को और बेहतर (streamline) बना सकेगी और अपने मुख्य बिज़नेस जैसे कि इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) और ऑटोमेशन (Automation) पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित कर पाएगी। यह कदम वैश्विक पैरेंट ABB Group की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने रोबोटिक्स सेक्टर को अलग कर रही है।
यह बिक्री एक 'स्लम्प सेल' (slump sale) के तौर पर की गई है, जहाँ पूरे बिज़नेस को एकमुश्त रकम पर ट्रांसफर किया जाता है। भारतीय रोबोटिक्स बिज़नेस, जो मुख्य रूप से सेल्स और सर्विस का काम करता है, ABB India के रेवेन्यू (revenue) और मुनाफे (profit) का लगभग 4-6% हिस्सा है।
इस सौदे के बाद, ABB India अपने पोर्टफोलियो को रीयलाइन (portfolio realignment) करेगी और सीधे रोबोटिक्स बिज़नेस से बाहर निकल जाएगी। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के ख़िलाफ़ SEBI की चेतावनी और कस्टम पेनल्टी जैसे कुछ जोखिमों (risks) पर भी नज़र रखनी चाहिए।
आगे चलकर, निवेशकों को 31 मार्च, 2026 तक होने वाले इस ट्रांज़ैक्शन (transaction) के पूरा होने पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, भारतीय रोबोटिक्स एसेट्स (assets) के ग्लोबल ABB स्ट्रक्चर में इंटीग्रेशन (integration) और मुख्य बिज़नेस सेगमेंट के परफॉरमेंस (performance) पर भी नज़र रहेगी।
