ABB India ने दूसरी तिमाही (Q2) में अपनी कमाई में शानदार **21%** की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹3,559 करोड़** हो गया, जिसके पीछे **₹4,363 करोड़** के रिकॉर्ड ऑर्डर इनफ्लो का बड़ा हाथ है। इसके साथ ही, कंपनी ने प्रति शेयर **₹90** का स्पेशल डिविडेंड भी घोषित किया है। हालांकि, बढ़ती कमोडिटी लागतों के चलते कंपनी का मुनाफा दबाव में रहा। निवेशक अब मजबूत ऑर्डर ग्रोथ और इनपुट कीमतों में अस्थिरता के मार्जिन पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहे हैं।
रेवेन्यू और ऑर्डर बुक में जोरदार उछाल
ABB India ने कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 21% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,559 करोड़ पर पहुंच गया। डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे सेक्टर्स से मजबूत मांग इस ग्रोथ का मुख्य कारण रही। वित्तीय नतीजों के साथ ही, कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर ₹90 का स्पेशल डिविडेंड भी घोषित किया है। यह डिविडेंड, रोबोटिक्स बिजनेस की बिक्री से मिले कैश का इस्तेमाल करके दिया जा रहा है।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक बनी ग्रोथ की वजह
कंपनी की ऑर्डर बुक उसकी ग्रोथ की रफ्तार को साफ दर्शाती है। इस तिमाही में ABB India ने ₹4,363 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 50% ज्यादा है। कंपनी की कुल ऑर्डर बैकलॉग अब रिकॉर्ड ₹11,898 करोड़ पर पहुंच गई है। यह भविष्य की कमाई के लिए एक मजबूत संकेत है। भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों का बढ़ता विस्तार, साथ ही पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जिनमें इलेक्ट्रिफिकेशन और मोशन टेक्नोलॉजी की जरूरत होती है, इस मांग को बढ़ा रहे हैं।
मार्जिन पर लागत का दबाव
जहां टॉप-लाइन ग्रोथ और ऑर्डर बुक का विस्तार सकारात्मक रहा, वहीं मुनाफा मार्जिन पर दबाव देखा गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 8% बढ़कर ₹370 करोड़ रहा, जो रेवेन्यू ग्रोथ की 21% की रफ्तार से काफी कम है। यह दिखाता है कि बढ़ती इनपुट लागतों के चलते मुनाफा रेवेन्यू के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है। कंपनी तांबे (copper) और चांदी (silver) जैसी अहम कमोडिटीज की कीमतों में अस्थिरता से जूझ रही है, जो इसके मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा, फॉरेन एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव ने भी लागत का बोझ बढ़ाया है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी भविष्य की तिमाहियों में इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों पर डाल पाती है या नहीं।
वैल्यूएशन और मार्केट का रुख
इन नतीजों पर कंपनी के शेयर ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। स्टॉक करीब ₹7,424 पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 52-हफ्ते के हाई ₹7,924.50 से नीचे है। बाजार के जानकारों का कहना है कि ABB India का वैल्यूएशन काफी ज्यादा है, जो भविष्य की ग्रोथ को लेकर निवेशकों की ऊंची उम्मीदों को दर्शाता है। चूंकि कंपनी का वैल्यूएशन प्रीमियम पर है, इसलिए बाजार मार्जिन परफॉर्मेंस में किसी भी उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।
आगे चलकर, शेयरधारकों के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि कंपनी घटती-बढ़ती कमोडिटी कीमतों के बावजूद अपने मार्जिन को कैसे बनाए रखती है या उनमें सुधार करती है। अगर कच्चे माल की लागत स्थिर होती है या कंपनी प्रभावी मूल्य निर्धारण रणनीति अपनाती है, तो यह आय वृद्धि (earnings growth) को सहारा दे सकता है। इसके विपरीत, लागत का लगातार दबाव या औद्योगिक मांग में नरमी भविष्य के वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकती है, जिससे आने वाले महीनों में मैनेजमेंट की मूल्य निर्धारण और लागत प्रबंधन पर टिप्पणी अहम हो जाती है।
