मुनाफे में 25% की गिरावट की वजहें
ABB India ने कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1 CY2026) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट After Tax 25% घटकर ₹342 करोड़ रहा। मैनेजमेंट ने इसके पीछे मुख्य कारण सेल्स मिक्स का कम फायदेमंद होना, लो-मार्जिन वाले ऑर्डर्स का एग्जीक्यूशन और कच्चे माल व कंपोनेंट्स की लागत में हुई भारी बढ़ोतरी को बताया है। करेंसी एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में देरी ने भी नतीजों पर असर डाला।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते शिपिंग में देरी और जटिलताएँ बढ़ीं। हालांकि कंपनी के डायरेक्ट एक्सपोर्ट पर इसका सीधा बड़ा असर नहीं हुआ, लेकिन इससे शिपिंग लागत में काफी बढ़ोतरी हुई और सप्लाई चेन का समय भी लंबा खिंच गया, जिसने प्रॉफिट मार्जिन पर अतिरिक्त दबाव डाला।
मजबूत ऑर्डर बुक से डिमांड का संकेत
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, ABB India ने डिमांड के मामले में मजबूत मोमेंटम दिखाया है। कुल ऑर्डर 25% बढ़कर ₹4,280 करोड़ पर पहुंच गए। कंपनी के Electrification और Motion बिजनेस प्रमुख रहे, जिन्हें भारत में इंडस्ट्रियल एक्टिविटी से सहारा मिला। यह ऑर्डर ग्रोथ देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और ग्राहकों की अच्छी रुचि को दर्शाती है।
भविष्य के लिए $75 मिलियन का निवेश
आगे की राह को देखते हुए, ABB India ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग और R&D क्षमता को बढ़ाने के लिए $75 मिलियन का निवेश करने की घोषणा की है। यह विस्तार रिन्यूएबल एनर्जी, मेट्रो रेल और डेटा सेंटर जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। हालांकि भू-राजनीतिक मुद्दे एनर्जी प्राइस, लागत और शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट में अस्थायी उतार-चढ़ाव ला सकते हैं, लेकिन पॉजिटिव इकोनॉमिक आउटलुक और मजबूत ऑर्डर बैकलॉग कंपनी के प्रदर्शन को सपोर्ट करने की उम्मीद है। हाल ही में कंपनी ने स्थानीय स्तर पर निर्मित पहला विंड पावर कनवर्टर भी भेजा है और एक नया लो-वोल्टेज स्विचगियर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।
सेक्टर्स का प्रदर्शन
Automation बिजनेस में रेवेन्यू में कमी के चलते साल-दर-साल प्रदर्शन धीमा रहा। मेटल्स, माइनिंग, एनर्जी, केमिकल्स और फूड एंड बेवरेज जैसे प्रमुख उद्योगों से ऑर्डर ग्रोथ पिछले साल की तुलना में कम रही। हालांकि, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे ग्रोथ वाले सेक्टर्स में अच्छे अवसर दिख रहे हैं।
