ABB India: बंपर ऑर्डर से शेयर में रॉकेट सी तेजी, पर इन वजहों से निवेशक हैं टेंशन में!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
ABB India: बंपर ऑर्डर से शेयर में रॉकेट सी तेजी, पर इन वजहों से निवेशक हैं टेंशन में!
Overview

ABB India के निवेशकों के लिए बड़ी खबर! कंपनी को पिछले 5 सालों में सबसे बड़े रिकॉर्ड ऑर्डर मिले हैं, जिसकी कीमत **₹4,100 करोड़** है। इस जोरदार इनफ्लो ने शेयर में **7-8%** की तेजी ला दी है और ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने टारगेट प्राइस को **₹6,001** कर दिया है।

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रिकॉर्ड ऑर्डर्स और टारगेट में बढ़ोतरी

ABB India ने अपने हालिया नतीजों से बाजार को चौंका दिया है। कंपनी को पिछले पांच सालों का सबसे बड़ा तिमाही ऑर्डर इनफ्लो मिला है, जो 52% बढ़कर ₹4,100 करोड़ हो गया है। इस शानदार प्रदर्शन ने ब्रोकरेज फर्म JPMorgan का ध्यान खींचा, जिन्होंने स्टॉक के लिए अपना टारगेट प्राइस ₹5,639 से बढ़ाकर ₹6,001 कर दिया है। डेटा सेंटर, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोटिव जैसे प्रमुख सेक्टर्स से मिले बड़े ऑर्डर्स इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण रहे। कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए भी अपना अब तक का सबसे ज्यादा ऑर्डर और रेवेन्यू दर्ज किया है।

वैल्यूएशन का प्रीमियम, चिंताएं बरकरार

ऑर्डर्स में जबरदस्त उछाल के बावजूद, ABB India की वैल्यूएशन (Valuation) एक बड़ी चिंता बनी हुई है। शेयर वर्तमान में अपने ट्रेलिंग अर्निंग्स (TTM P/E) के मुकाबले 72 से 76 गुना के भाव पर ट्रेड कर रहा है। यह अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों, जैसे Siemens India (जो 48-66 गुना P/E पर ट्रेड कर रहा है) और Larsen & Toubro (L&T) (जो 33-42 गुना P/E पर ट्रेड कर रहा है), की तुलना में काफी महंगा है। यहां तक कि इलेक्ट्रिकल मशीनरी इंडस्ट्री का औसत P/E भी केवल 43.12 है। JPMorgan ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि स्टॉक अपने अनुमानित 2027 के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के मुकाबले 57 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो कि 10-15% की अनुमानित ग्रोथ रेट के मुकाबले काफी ज्यादा है।

मार्जिन पर दबाव, मुनाफे में गिरावट

चौथी तिमाही के नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹3,560 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.5% से गिरकर 15.4% पर आ गया। इस मार्जिन में गिरावट की मुख्य वजह लागत में बढ़ोतरी और लेबर कोड्स के लिए ₹65 करोड़ का प्रोविजन (Provision) रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजों पर नजर डालें तो, जहां ऑर्डर और रेवेन्यू 8% बढ़े, वहीं प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल के मुकाबले 11% की गिरावट दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि बढ़ती परिचालन लागत टॉप-लाइन ग्रोथ के असर को कम कर रही है।

भविष्य का आउटलुक और जोखिम

सरकारी पूंजीगत व्यय में अपेक्षित बढ़ोतरी (FY2026 के लिए ₹11.2 लाख करोड़) और इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग ABB India के लिए मजबूत अवसर प्रदान करती है। हालांकि, JPMorgan के अनुसार, भारत में Capex ग्रोथ अब धीमी होकर लगभग 10% पर आ गई है। सबसे बड़ा जोखिम कंपनी की प्रीमियम वैल्यूएशन है, जो भविष्य की सभी संभावित ग्रोथ को पहले ही शामिल कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, बढ़ती लागत के माहौल में मार्जिन को बनाए रखना एक चुनौती साबित हो सकता है। कंपनी के पास ₹10,471 करोड़ का एक मजबूत ऑर्डर बैकलॉग है, जो भविष्य की कमाई के लिए अच्छी विजिबिलिटी देता है। ABB India के बोर्ड ने ₹29.59 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.