ABB India के शेयर आज **10%** की जोरदार तेजी के साथ अपने नए 52-Week High, **₹7,923.35** पर पहुंच गए। यह उछाल पैरेंट कंपनी ABB के ग्लोबल स्तर पर रिकॉर्ड ऑर्डर बुकिंग के बाद आया है। निवेशकों की नजर कंपनी के मजबूत डोमेस्टिक ऑर्डर बैकलॉग और भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर की लगातार बढ़ती मांग पर है।
शेयर में तूफानी तेजी की वजह?
ABB India के शेयरों ने गुरुवार को 10% की छलांग लगाते हुए ₹7,923.35 का नया 52-Week High बनाया। यह तेजी निवेशकों के उत्साह को दर्शाती है, जो पैरेंट कंपनी ABB की शानदार ग्लोबल अर्निंग्स से प्रेरित है। दोपहर तक, स्टॉक ₹7,801 के आसपास कारोबार कर रहा था, जिसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम में जबरदस्त उछाल देखा गया। NSE और BSE पर करीब 1.9 मिलियन शेयरों का सौदा हुआ। यह प्रदर्शन बाजार के विपरीत है, जहाँ BSE Sensex में इस साल अब तक 9% की गिरावट आई है, वहीं ABB India 53% ऊपर चढ़ा है।
इस जोरदार प्रतिक्रिया का मुख्य कारण पैरेंट कंपनी ABB द्वारा दूसरी तिमाही 2026 के लिए $12 बिलियन का रिकॉर्ड ऑर्डर इंटेक दर्ज करना है। ग्लोबल पेरेंट ने 12% रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेशनल EBITA मार्जिन में 20.2% सुधार की रिपोर्ट दी। ABB के लीडरशिप ने इस ग्रोथ का श्रेय एनर्जी एफिशिएंसी और ग्रिड रेजिलिएंस में ग्राहकों के लगातार निवेश को दिया, जिससे भारतीय सब्सिडियरी को एक सकारात्मक माहौल मिला।
ABB India का डोमेस्टिक ग्रोथ आउटलुक
ABB India को लोकल मार्केट में लगातार मांग का फायदा मिल रहा है, खासकर डेटा सेंटर्स, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर्स में। कंपनी के हालिया रेगुलेटरी फाइलिंग्स के अनुसार, इसके पास करीब ₹11,000 करोड़ का ऑर्डर बैकलॉग है। यह बैकलॉग आने वाली तिमाहियों के लिए कंपनी को रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करता है, क्योंकि यह इलेक्ट्रिफिकेशन और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करना जारी रखे हुए है।
इस मांग को पूरा करने के लिए, कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग और R&D सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग ₹625 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का कमिटमेंट किया है। इस निवेश का उद्देश्य मीडियम-वोल्टेज स्विचगियर, ड्राइव्स और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम जैसे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का लोकलाइजेशन बढ़ाना है, जिससे कंपनी घरेलू जरूरतों और संभावित एक्सपोर्ट अवसरों दोनों को पूरा कर सके।
बिजनेस रिस्क पर भी नजर
हालांकि कंपनी का ऑर्डर पाइपलाइन मजबूत बना हुआ है, निवेशकों को उन फैक्टर्स पर भी नजर रखनी चाहिए जो ऑपरेशनल परफॉरमेंस को प्रभावित कर सकते हैं। ABB India ने पहले भी कहा है कि वह कमोडिटी प्राइस की अस्थिरता और फॉरेन एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव के अपने प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सतर्क है। इसके अलावा, भले ही कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी स्टोरेज जैसे सेक्टर्स में मजबूत स्थिति बनाए हुए है, अंतिम वित्तीय परिणाम प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की गति और एक प्रतिस्पर्धी इंडस्ट्रियल गुड्स मार्केट में प्राइसिंग पावर बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
आगे चलकर, निवेशकों के लिए मुख्य मॉनिटरेबल यह होगा कि कंपनी अपने ₹11,000 करोड़ के ऑर्डर बैकलॉग को रेवेन्यू में कैसे बदल पाती है और उसके ₹625 करोड़ के विस्तार प्रोजेक्ट्स की प्रगति क्या रहती है। निवेशक आगामी तिमाही नतीजों में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर भी ध्यान देंगे ताकि यह आकलन किया जा सके कि डोमेस्टिक ग्रोथ का ग्राफ ग्लोबल पेरेंट के मजबूत प्रदर्शन के बराबर है या नहीं।
