ABB India ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹90 प्रति शेयर के स्पेशल डिविडेंड का ऐलान किया है। वहीं, कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में ₹362.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो बाज़ार की उम्मीदों से कम रहा। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू रिकॉर्ड ₹3,559 करोड़ तक पहुंच गया और ऑर्डर इंटेक में 50% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, लेकिन बढ़ती कमोडिटी की कीमतों ने मुनाफे पर दबाव डाला।
स्पेशल डिविडेंड और डिवेस्टमेंट का असर
ABB India लिमिटेड ने हाल ही में अपने रोबोटिक्स बिजनेस की बिक्री से मिले पैसों और पहले छमाही के ऑपरेशनल मुनाफे को देखते हुए, प्रति शेयर ₹90 के स्पेशल डिविडेंड की घोषणा की है। फेस वैल्यू ₹2 वाले इन शेयर्स पर यह 4,500% का डिविडेंड है। यह भुगतान 29 अगस्त, 2026 तक या उससे पहले उन शेयरधारकों को किया जाएगा जो 7 अगस्त, 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड होंगे।
रिकॉर्ड रेवेन्यू, पर मार्जिन पर दबाव
2026 की दूसरी तिमाही में ABB India ने ₹3,559 करोड़ का अब तक का सबसे ज़्यादा रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी के इलेक्ट्रिफिकेशन, मोशन और ऑटोमेशन जैसे सेगमेंट्स में मजबूत प्रदर्शन ने इस ग्रोथ को बढ़ावा दिया। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में नेट प्रॉफिट में सिर्फ 3% की मामूली वृद्धि हुई और यह ₹362.3 करोड़ रहा, जो विश्लेषकों के अनुमान से काफी कम है। रिकॉर्ड रेवेन्यू और मामूली प्रॉफिट ग्रोथ के बीच का यह अंतर बताता है कि बढ़ती लागतों के बीच मुनाफे को बनाए रखना एक चुनौती बनी हुई है।
कंपनी की अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन (EBITDA) 11.4% बढ़कर ₹447.1 करोड़ हो गई। लेकिन, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 14% से घटकर 13% पर आ गया। यह मार्जिन प्रेशर मुख्य रूप से फ्रेट, एनर्जी और कॉपर, सिल्वर व इलेक्ट्रिकल स्टील जैसी कच्ची सामग्रियों की बढ़ी हुई लागतों के कारण था। यह देखना अहम होगा कि कंपनी भविष्य की तिमाहियों में इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों पर कितना ट्रांसफर कर पाती है, क्योंकि प्राइस रिवीजन में देरी का असर अभी बॉटम-लाइन ग्रोथ पर दिख रहा है।
मजबूत ऑर्डर बैकलॉग
मार्जिन की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी का बिजनेस पाइपलाइन मजबूत दिख रहा है। ABB India ने इस तिमाही में ऑर्डर इंटेक में 50% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹4,363 करोड़ रहा। इससे कुल ऑर्डर बैकलॉग बढ़कर ₹11,898 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल से 22% ज़्यादा है। यह भविष्य के रेवेन्यू के लिए अच्छी विजिबिलिटी प्रदान करता है। डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी, फूड एंड बेवरेज, ऑटोमोटिव और बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स से ऑर्डर में ग्रोथ देखी गई है।
मैनेजमेंट का भरोसा कायम है, और वे भारत में एनर्जी ट्रांज़िशन, डिजिटलाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग में हो रहे निवेश को बिज़नेस के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ड्राइवर्स मान रहे हैं। इस बड़े ऑर्डर बैकलॉग को कुशलता से पूरा करने की कंपनी की क्षमता शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण होगी। प्रोजेक्ट पूरा होने में किसी भी तरह की देरी या कच्चे माल की लागत में और वृद्धि, मुनाफे पर दबाव बनाए रख सकती है। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी किस तरह आक्रामक ऑर्डर ग्रोथ और मुनाफे को पिछले स्तरों पर वापस लाने की ज़रूरत के बीच संतुलन बनाती है।
