India में ABB का बड़ा दांव: 'लोकल-फॉर-लोकल' स्ट्रैटेजी को मिलेगा सहारा
स्विट्जरलैंड की जानी-मानी टेक्नॉलजी कंपनी ABB (एबीबी) भारत में अपने ऑपरेशन्स को और मजबूत बनाने की तैयारी में है। कंपनी ने 2026 के लिए 75 मिलियन डॉलर (लगभग ₹625 करोड़) के बड़े निवेश का ऐलान किया है। यह 2025 में किए गए 35 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश के क्रम में एक बड़ा कदम है। ABB की 'लोकल-फॉर-लोकल' स्ट्रैटेजी का मतलब है कि कंपनी भारत में बिकने वाले लगभग 85% प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग यहीं करेगी। इस इन्वेस्टमेंट से कंपनी अपनी Electrification, Motion और Automation बिजनेस सेगमेंट्स में अपनी क्षमताओं को और बढ़ाएगी।
ABB के CEO, मोर्टन विरोड (Morten Wierod) ने बताया कि यह निवेश भारत के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करने और मार्केट में विस्तार के अवसरों का फायदा उठाने के लिए बेहद जरूरी है। 2025 में ABB इंडिया का रेवेन्यू 1.5 बिलियन डॉलर (लगभग ₹12,500 करोड़) के पार चला गया था, जो कि ग्लोबल ग्रुप के कुल रेवेन्यू का करीब 4% है। यह दिखाता है कि भारत कंपनी के लिए कितना बड़ा और तेजी से बढ़ने वाला मार्केट बन गया है। हाल ही में ABB इंडिया ने अपने रोबोटिक्स ऑपरेशन्स को ग्लोबल डिविजन में ट्रांसफर करके अपने मुख्य Electrification और Automation सेगमेंट्स पर फोकस बढ़ाया है।
India के ग्रोथ इंजन को मिलेगी रफ्तार: खास सेक्टर्स पर फोकस
यह भारी-भरकम निवेश सीधे तौर पर India की एनर्जी ट्रांजिशन, पावर ग्रिड के अपग्रेडेशन, डेटा सेंटर्स के तेजी से विस्तार और मेट्रो व हाई-स्पीड रेल नेटवर्क जैसे बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए है। ABB अपनी बढ़ाई गई फैसिलिटीज से न केवल घरेलू मांग पूरी करेगी, बल्कि रीजनल मार्केट्स को भी सपोर्ट करने की क्षमता रखेगी।
अलग-अलग लोकेशन्स पर होगा इन्वेस्टमेंट:
- बेंगलुरु (Nelamangala Campus): यहां 14 मिलियन डॉलर लगाए जाएंगे। प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाई जाएगी और नई टेक्नॉलजी लाई जाएगी, जैसे एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल प्रोटेक्शन और एनक्लोजर सॉल्यूशंस। सस्टेनेबल मोबिलिटी सेक्टर के लिए कन्वर्टर मैन्युफैक्चरिंग को बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा, जो मेट्रो और हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए अहम है।
- बेंगलुरु (Peenya Facility): इस फैसिलिटी के लिए 21 मिलियन डॉलर रखे गए हैं। यहां लो-वोल्टेज ड्राइव्स और स्पेशलाइज्ड मोटर्स की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, एक इनोवेशन लैब, रिमोट मॉनिटरिंग और डायग्नोस्टिक्स सर्विस, और ट्रेनिंग फैसिलिटीज भी अपग्रेड होंगी।
- हैदराबाद: करीब 12 मिलियन डॉलर मल्टी-फेज लैब और ऑफिस प्रोजेक्ट के लिए होंगे। पहले फेज में नई लीज्ड फैसिलिटी में शिफ्टिंग होगी, और दूसरे फेज में ABB की अपनी जमीन पर एक एडवांस्ड हाई-पावर R&D लैब बनाई जाएगी।
- नाशिक: यह सबसे बड़ा सिंगल साइट इन्वेस्टमेंट है, जो 22 मिलियन डॉलर का होगा। यहां इनडोर और आउटडोर सर्किट ब्रेकर्स के प्रोडक्शन को बढ़ाया जाएगा और वैक्यूम इंटरप्टर फैक्ट्री को अपग्रेड किया जाएगा। 2028 तक 33kV प्राइमरी गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर और SF6-फ्री नई टेक्नोलॉजीज को यहीं से लोकल लेवल पर बनाया जाएगा।
- वडोदरा: 6 मिलियन डॉलर का निवेश स्लो-स्पीड सिंक्रोनस जेनरेटर्स की मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट करने और इंडक्शन मोटर प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के लिए होगा। यह खासकर मेटल्स, ऑयल एंड गैस, सीमेंट और विंड एनर्जी जैसे कोर इंडस्ट्रीज की डिमांड पूरी करेगा। यहां एक नया ट्रेनिंग सेंटर भी बनेगा।
इन पहलों से इंजीनियरिंग, ऑपरेशन्स और रिसर्च के क्षेत्र में 300 से ज्यादा स्किल्ड जॉब्स पैदा होने की उम्मीद है, जो 'मेक इन इंडिया' पहल को भी बढ़ावा देगा। ABB की India में 76 साल से मौजूदगी है और पिछले एक दशक में कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 230 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश कर चुकी है।
भविष्य की राह: India के विकास की लहर पर सवार
ABB का यह बड़ा इन्वेस्टमेंट India के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल में कंपनी के भरोसे को दिखाता है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च, एनर्जी एफिशिएंसी और रिन्यूएबल एनर्जी की जरूरत, और इंडस्ट्रीज के डिजिटलाइजेशन से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। बढ़ी हुई मैन्युफैक्चरिंग और R&D कैपेसिटी से न केवल घरेलू मांग पूरी होगी, बल्कि यह रीजनल मार्केट्स के लिए एक्सपोर्ट हब का काम भी कर सकती है। ABB की 2030 तक India को अपने टॉप तीन ग्लोबल मार्केट्स में से एक बनाने की महत्वाकांक्षा है।