आखिर क्यों हुआ 3M India को घाटा?
3M India Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (जो 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी की कुल आय (Total Income) में 12.7% की जोरदार बढ़त देखी गई और यह ₹1,237.50 करोड़ पर पहुंच गई। लेकिन, कंपनी को ₹62.05 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹113.77 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था।
नौ महीनों (Nine Months) के नतीजों पर नजर डालें तो, 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹306.97 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹476.07 करोड़ से काफी कम है।
घाटे की वजह: एक्सेप्शनल आइटम्स का बोझ
तिमाही नतीजों में भारी नुकसान की मुख्य वजह ₹214.04 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) थे। इनमें नए लेबर कोड (Labor Codes) लागू करने से जुड़ा ₹74.57 करोड़ का चार्ज और एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) से संबंधित ₹139.47 करोड़ के अतिरिक्त टैक्स खर्च और ब्याज शामिल हैं।
इसके बावजूद, कंपनी का ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) मजबूत बना रहा। Q3 FY26 में EBITDA में 40.5% की जबरदस्त उछाल आई और यह ₹240 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के चारों बिजनेस सेगमेंट्स – सेफ्टी एंड इंडस्ट्रियल, ट्रांसपोर्टेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थ केयर और कंज्यूमर – सभी में बिक्री (Sales) बढ़ी है।
मैनेजमेंट में बदलाव: MD होंगे रिटायर
कंपनी के लिए एक और बड़ा डेवलपमेंट यह है कि मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) रमेश रामादुराई, 31 मार्च 2026 से रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने लगभग सात साल कंपनी का नेतृत्व किया। उनकी जगह 1 अप्रैल 2026 से असीम कुलदीप जोशी को मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जिनकी पांच साल की अवधि शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
टैक्स पर बड़ा कदम: APA की फाइनल स्टेज
टैक्स के मोर्चे पर, 3M India सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के साथ अपने एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) को फाइनल करने के बहुत करीब है। कंपनी को 6 जनवरी 2026 को फाइनल ड्राफ्ट मिल गया है। इस एग्रीमेंट से फाइनेंशियल ईयर 2014-15 से 2022-23 तक के ट्रांसफर प्राइसिंग (Transfer Pricing) से जुड़े टैक्स के मामले सुलझने की उम्मीद है, जिससे कंपनी को टैक्स को लेकर बड़ी अनिश्चितता से राहत मिलेगी।