भारत में Semaglutide का पेटेंट अगले महीने 20 मार्च, 2026 को खत्म हो रहा है, और Zydus Lifesciences इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी अपनी जेनरिक दवा Semaglutide को Semaglyn, Mashema, और Altreme जैसे ब्रांड नामों से लॉन्च करेगी। इसे टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिल चुकी है।
Zydus की सबसे बड़ी USP (Unique Selling Proposition) इसका अपना स्वदेशी रूप से विकसित, एडजस्टेबल और रीयूजेबल (reusable) सिंगल-पेन डिवाइस है। यह डिवाइस मरीजों को एक ही पेन से अलग-अलग डोज स्ट्रेंथ (dose strengths) इंजेक्ट करने की सुविधा देता है। मौजूदा दवाओं में अक्सर डोज बढ़ाने पर मरीजों को नया पेन खरीदना पड़ता है, लेकिन Zydus के इस नए पेन से इलाज का कुल खर्च कम होने की उम्मीद है।
हालांकि अभी तक सटीक कीमत का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस दवा का मासिक इलाज का खर्च ₹4,000 से ₹5,000 के बीच रह सकता है। यह मौजूदा ब्रांडेड ऑप्शन्स की तुलना में 50% तक सस्ता हो सकता है, जो इसे बाजार में हलचल मचाने के लिए तैयार करेगा।
भारत का GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। यह 2025 से 2030 तक 34.3% की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने का अनुमान है और 2024 में इसका अनुमानित मूल्य $110.55 मिलियन है। इस बाजार में पहले से ही ग्लोबल दिग्गज Eli Lilly (Mounjaro के साथ) और Novo Nordisk (Wegovy और Ozempic के साथ) का दबदबा है। Mounjaro पहले ही भारत में अक्टूबर 2025 में ₹1 बिलियन की बिक्री के साथ सबसे ज्यादा बिकने वाली दवा बन गई थी। Novo Nordisk ने भी अपनी Wegovy की कीमतें कम की हैं।
लगभग ₹91,000 करोड़ के मार्केट कैप वाली Zydus Lifesciences फिलहाल 18-22x के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रही है। स्टॉक की कीमत ₹919.65 पर बंद हुई थी। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी के शेयर में 10% से ज्यादा का अपसाइड (upside) देखने को मिल सकता है, क्योंकि अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹45.11 रहने का अनुमान है।
हालांकि, Zydus के लिए राह आसान नहीं होगी। भारत में कई अन्य जेनेरिक कंपनियां भी बाजार में उतरने की तैयारी में हैं, जिससे कीमतों को लेकर कड़ी जंग (price wars) छिड़ने की आशंका है। Zydus के रीयूजेबल पेन की सफलता मरीजों और डॉक्टरों के अडॉप्शन पर निर्भर करेगी। Eli Lilly और Novo Nordisk की स्थापित बाजार में पकड़ एक बड़ी चुनौती है।
भविष्य में, डायबिटीज और मोटापे के सेगमेंट में ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है, और Zydus का यह कदम उसे इस बढ़ते बाजार में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी दिलाने में मदद कर सकता है, खासकर अपनी नवीन डिलीवरी सिस्टम और प्रतिस्पर्धी कीमतों के साथ।