Zydus Lifesciences के दूसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। रेवेन्यू में **29.2%** का उछाल आने के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट **26.6%** घटकर **₹925.5 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
कंपनी के रेवेन्यू में शानदार बढ़त के बावजूद बॉटम-लाइन पर दबाव साफ नजर आ रहा है। सितंबर 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹7,909.6 करोड़ तक पहुंच गया है, लेकिन कुल खर्चों में 51% की भारी वृद्धि ने मुनाफे को कम कर दिया। इसमें सबसे बड़ा योगदान रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) निवेश में 36.4% और एम्प्लॉई बेनिफिट्स में 33.7% की बढ़ोतरी का रहा है।
मार्जिन पर असर
खर्चों की इस रफ्तार ने कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले साल के 32.9% के मुकाबले यह घटकर इस बार 24% पर आ गया है। कंपनी का फोकस अब 'स्पेशियलिटी-लेड' और ब्रांडेड पोर्टफोलियो की तरफ शिफ्ट हो रहा है, जो लंबे समय के लिए तो फायदेमंद है, लेकिन फिलहाल लागत बढ़ाने का काम कर रहा है।
मार्केट की स्थिति और रिस्क
हालांकि प्रॉफिट में गिरावट से स्टॉक 3% तक टूट गया, लेकिन कंपनी का बिजनेस अभी भी मजबूत दिख रहा है। नॉर्थ अमेरिकन मार्केट में 20.8% और भारत में 18% की ग्रोथ देखी गई है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने बढ़ते खर्चों को कैसे मैनेज करती है और क्या USFDA की रेग्युलेटरी चुनौतियों के बीच नई दवाओं के लॉन्च को रफ्तार दे पाती है।
