शेयर में क्यों आई तेजी?
Zydus Lifesciences के शेयरों में आज जबरदस्त उछाल देखा गया, जिससे वे 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। इसकी दो मुख्य वजहें रहीं। पहली, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) ने कंपनी की दवा saroglitazar के लिए 'प्रायोरिटी रिव्यू' (Priority Review) का दर्जा दिया है। यह दवा प्राइमरी बिलिअरी कोलैंगाइटिस (Primary Biliary Cholangitis - PBC) के इलाज के लिए है। इस मंजूरी से दवा के अप्रूवल की प्रक्रिया तेज हो जाएगी, और USFDA की तरफ से फैसला 27 नवंबर, 2026 तक आने की उम्मीद है।
दूसरी बड़ी वजह है कंपनी की बायबैक (Buyback) योजना में बदलाव। कंपनी ने बायबैक की पेशकश कीमत को बढ़ाकर ₹1,260 प्रति शेयर कर दिया है। हालांकि, इसके साथ ही बायबैक के तहत खरीदे जाने वाले शेयरों की संख्या को घटाकर लगभग 87.30 लाख (यानी कुल इक्विटी कैपिटल का 0.87%) कर दिया गया है।
PBC मार्केट में Zydus की एंट्री?
Saroglitazar के अप्रूवल से Zydus Lifesciences, PBC के ट्रीटमेंट मार्केट में एक मजबूत पोजीशन में आ सकती है। इस मार्केट में फिलहाल Intercept Pharmaceuticals, Gilead Sciences और Ipsen जैसी बड़ी कंपनियां मौजूद हैं। Ursodeoxycholic acid (UDCA) अभी स्टैंडर्ड फर्स्ट-लाइन ट्रीटमेंट है, लेकिन saroglitazar उन मरीजों के लिए एक नया विकल्प साबित हो सकती है जो UDCA से ठीक नहीं हो रहे या उसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।
कंपनी के ट्रायल डेटा के मुताबिक, saroglitazar लेने वाले 56.7% मरीजों में सुधार देखा गया, जबकि प्लेसबो ग्रुप में यह आंकड़ा सिर्फ 9.8% था। यह दिखाता है कि दवा में कुछ खास क्षमता है जो मौजूदा FXR और PPAR agonists के मुकाबले बेहतर नतीजे दे सकती है।
वैल्यूएशन और रिस्क फैक्टर
हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि शेयर में मौजूदा तेजी के बावजूद वैल्यूएशन थोड़ा महंगा हो सकता है। पिछले बारह महीनों के P/E रेश्यो के हिसाब से शेयर 18x से 21x के आसपास ट्रेड कर रहा है। बायबैक प्राइस को बढ़ाना मैनेजमेंट की तरफ से शेयर प्राइस को सपोर्ट देने की कोशिश भी हो सकती है।
इसके अलावा, कंपनी को मार्जिन पर भी दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जैसा कि हाल की EBITDA मार्जिन में गिरावट से पता चलता है। एक बड़ा रिस्क USFDA अप्रूवल का है। अगर 2026 तक दवा अप्रूव नहीं होती है, तो रिसर्च पर हुआ खर्च बेकार जा सकता है और शेयर में बड़ी गिरावट आ सकती है।
आगे क्या?
अब सबकी निगाहें EASL कांग्रेस में पेश होने वाले नए डेटा पर होंगी। फिलहाल, एनालिस्ट्स का टारगेट प्राइस ₹1,050 से ₹1,066 के बीच है। कुछ बड़े फंड्स का अनुमान है कि अगर दवा अमेरिका में लॉन्च होती है (जिसकी उम्मीद मार्च 2027 में है), तो शेयर में और भी ज्यादा उछाल आ सकता है। कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने की क्षमता और अमेरिका के मुश्किल रेगुलेटरी रास्ते पर चलने की काबिलियत ही Zydus के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की असली परीक्षा होगी।
