कंपनी के मैनेजमेंट ने कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर जोर दिया है, जिसके नतीजे बोर्ड पर साफ दिखाई दे रहे हैं।
चौथी तिमाही के शानदार आंकड़े:
Q3 FY26 में कंपनी का EBITDA 35% YoY बढ़कर ₹742 मिलियन रहा। रिपोर्टेड EBITDA मार्जिन 23.2% था, जबकि नई यूनिट्स से हुए रैंप-अप लॉसेस को एडजस्ट करने के बाद एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 29.2% दर्ज किया गया। नौ महीनों (9MFY26) में रेवेन्यू 32% YoY की वृद्धि के साथ ₹8,577 मिलियन तक पहुंच गया।
प्रॉफिट में तगड़ा उछाल:
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 41% YoY का उछाल आया और यह ₹431 मिलियन पर पहुंच गया, जिसमें PAT मार्जिन 13.4% रहा। वहीं, नौ महीनों (9MFY26) में PAT 38% YoY बढ़कर ₹1,264 मिलियन हो गया। कंसोलिडेटेड PAT में तो 48.74% YoY की जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली, जो ₹453.51 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान डाइल्यूटेड EPS ₹4.71 रहा। हालांकि, स्टैंडअलोन PAT में 7.38% YoY की बढ़ोतरी के साथ यह ₹238.93 करोड़ रहा, पर स्टैंडअलोन डाइल्यूटेड EPS में गिरावट दर्ज की गई।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस और ग्रोथ के इंजन:
कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी भी बेहतर हुई है। कुल 2,550 से अधिक बेड क्षमता में ऑक्यूपेंसी 67% रही, जो पिछले साल की तुलना में 11% ज्यादा है। प्रति ऑक्यूपाइड बेड औसत रेवेन्यू (ARPOB) में भी 10% YoY का इजाफा हुआ है और यह ₹33,744 पर पहुंच गया है।
इस तिमाही में ग्रोथ का एक बड़ा फैक्टर नए अस्पताल, जैसे दिल्ली और फरीदाबाद, रहे। अपनी पहली पूरी तिमाही में ही इन यूनिट्स ने ग्रुप रेवेन्यू में ₹279 मिलियन (9% का योगदान) का महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आगरा में बड़ा अधिग्रहण:
Expansion की रणनीति के तहत, कंपनी ने 1 फरवरी 2026 से 250 बेड वाले आगरा के एक अस्पताल का अधिग्रहण ₹260 करोड़ में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह अधिग्रहण भविष्य में कंपनी के ग्रोथ के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित होगा। कंपनी हाई-वैल्यू स्पेशलिटीज़ में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) बिजनेस को बढ़ाने पर भी फोकस कर रही है, जिसमें इंटरनेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर्स और अफ्रीकी पार्टनरशिप शामिल हैं।
गवर्नेंस और बाहरी मान्यता:
कंपनी ने गवर्नेंस के मोर्चे पर भी कदम उठाए हैं। नए ऑडिटर MSKA & Associates की नियुक्ति, एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की तैनाती और डेलॉइट को इंटरनल ऑडिटर बनाना इसी का हिस्सा है। MSCI इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स में कंपनी का शामिल होना और CRISIL द्वारा A/Stable रेटिंग मिलना, कंपनी की बढ़ती साख और मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत देता है।
आगे की राह और रिस्क:
भविष्य में, नए एक्वायर किए गए हॉस्पिटल्स को इंटीग्रेट करना और MVT स्ट्रेटेजी को प्रभावी ढंग से लागू करना मुख्य चुनौतियां होंगी। कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन नतीजों के बीच का अंतर भी ध्यान देने योग्य है।
इसके बावजूद, एनालिस्ट्स का आउटलुक काफी पॉजिटिव है। उन्हें "Strong Buy" रेटिंग के साथ ₹935 का औसत टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तरों से 49% से अधिक की संभावित तेजी का संकेत देता है।
