Yatharth Hospital & Trauma Care Services Limited ने Q3 FY26 के लिए अपनी अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी ने कंसोलिडेटेड बेसिस पर ज़बरदस्त ग्रोथ का प्रदर्शन किया है।
नंबर्स पर एक नज़र:
कंपनी के नंबर्स की बात करें तो, Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 46.23% के भारी उछाल के साथ ₹3,204.71 मिलियन दर्ज किया गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹2,191.55 मिलियन था। इसी तरह, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 41.30% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹430.83 मिलियन पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष ₹304.91 मिलियन था। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में भी 42.18% की शानदार 42.18% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹570.97 मिलियन रहा।
अगर नौ महीनों (9MFY26) की बात करें, तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 32.21% की बढ़ोतरी के साथ ₹8,576.63 मिलियन का आंकड़ा पार हुआ, वहीं कंसोलिडेटेड PAT 37.62% बढ़कर ₹1,263.75 मिलियन हो गया।
स्टैंडअलोन परफॉरमेंस में अंतर:
हालांकि, कंपनी के स्टैंडअलोन परफॉरमेंस पर नज़र डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग नज़र आती है। Q3 FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 43.25% की ग्रोथ के साथ ₹1,581.50 मिलियन दर्ज हुए, लेकिन स्टैंडअलोन PAT में केवल 7.37% की मामूली बढ़ोतरी होकर यह ₹238.93 मिलियन रहा। कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन PAT ग्रोथ के बीच यह बड़ा अंतर निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पॉइंट ऑफ़ एनालिसिस है।
रणनीतिक कदम और विस्तार:
कंपनी ने यह भी बताया कि उसने अपने Qualified Institutional Placement (QIP) से जुटाए गए फंड्स का इस्तेमाल डेट (debt) चुकाने, हॉस्पिटल्स के अधिग्रहण, मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया है। यह रणनीतिक वित्तीय प्रबंधन का संकेत देता है।
एक अहम खबर यह है कि Yatharth Hospital ने 1 फरवरी, 2026 से उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित Shantived Institute of Medical Sciences का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। 150 बेड वाला यह नया हॉस्पिटल (जिसे 250 बेड तक बढ़ाया जा सकता है) कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक बड़ा हिस्सा है।
नियामक और कानूनी अपडेट:
हाल ही में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अक्टूबर 2023 में प्रॉपर्टी, बैंक डिपॉजिट और कैश बैलेंस पर जो अटैचमेंट लगाई थी, उसे इस तिमाही में रिलीज़ कर दिया गया है। कंपनी ने AY 2024-25 के लिए असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर कर दी है और मैनेजमेंट को विश्वास है कि इससे कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। यह मामला अभी भी नज़र रखने लायक है।
आगे की राह:
आगरा में नया हॉस्पिटल जुड़ने से Yatharth Hospital की पहुंच और बेड कैपेसिटी बढ़ेगी, जो भविष्य की कमाई के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इनकम टैक्स का मामला भले ही कंपनी के नियंत्रण में दिख रहा है, पर अपील के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे। इसी तरह, चार लेबर कोड्स पर कंपनी का कहना है कि फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन रेगुलेटरी अपडेट्स पर नज़र रखनी होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में दिख रहा अंतर क्यों है, और मैनेजमेंट इस पर भविष्य में क्या स्पष्टीकरण देता है, यह देखना होगा।