मुनाफे की राह पर नए अस्पताल, रेवेन्यू में आई तूफानी तेज़ी
Yatharth Hospital and Trauma Care Services Ltd ने Q3 FY26 के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी की मज़बूत ग्रोथ स्टोरी को बयां कर रहे हैं। इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹2,192 मिलियन से बढ़कर ₹3,205 मिलियन हो गया, जो कि 46% की शानदार बढ़ोतरी है। इस ज़बरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ का मुख्य श्रेय नए चालू हुए दिल्ली और फरीदाबाद (सेक्टर-20) के हॉस्पिटल्स को जाता है, जिन्होंने तेज़ी से अपनी पकड़ बनाई है।
मुनाफे (PAT) के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। PAT में 41% की साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी देखी गई, और यह ₹305 मिलियन से बढ़कर ₹431 मिलियन पर पहुंच गया। वहीं, पिछले 9 महीनों (9MFY26) की बात करें तो रेवेन्यू में 32% का उछाल आकर यह ₹8,577 मिलियन रहा, और PAT 38% बढ़कर ₹1,264 मिलियन दर्ज किया गया।
EBITDA में बढ़त, पर मार्जिन पर नज़र
कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई) भी 35% बढ़कर ₹742 मिलियन रहा। हालाँकि, EBITDA मार्जिन में 189 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई है, जो घटकर 23.2% रह गया है (पिछली तिमाही में यह 25.1% था)। मैनेजमेंट का कहना है कि नए हॉस्पिटल्स के शुरुआती ऑपरेशनल सेटअप और रैंप-अप फेज के कारण यह गिरावट आई है, जो कि सामान्य है और समय के साथ ठीक हो जाती है। कंपनी ने 29.2% का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी बताया है, जो इन शुरुआती खर्चों को छोड़कर है, जिससे कंपनी की मज़बूत अंडरलाइंग प्रॉफिटेबिलिटी का पता चलता है।
नए हॉस्पिटल्स का योगदान और रेवेन्यू मिक्स
नए दिल्ली और फरीदाबाद (सेक्टर-20) के हॉस्पिटल्स ने अपने पहले फुल क्वार्टर ऑपरेशन में ही ₹279 मिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो कुल रेवेन्यू का 9% था। इन नए सेंटर्स से 100% रेवेन्यू कैश और TPA (थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) पेशेंट्स से आया है, जबकि सरकारी योजनाओं से 0% बिज़नेस रहा। यह कंपनी की बेहतर रेवेन्यू मिक्स की ओर बढ़ती रणनीति को दर्शाता है। मौजूदा हॉस्पिटल्स ने भी 33% YoY ग्रोथ दिखाई है।
इसके अलावा, पर ऑपरेटिंग बेड प्रति औसत रेवेन्यू (ARPOB) में भी 10% की अच्छी बढ़ोतरी हुई है, जो ₹33,744 पर पहुंच गया है।
कंपनी के लिए आगे क्या?
निवेशकों की नज़रें अब मार्जिन रिकवरी पर रहेंगी। मैनेजमेंट का विश्वास है कि नए हॉस्पिटल्स के पूरी तरह सेटल होने के बाद मार्जिन में सुधार आएगा। नए दिल्ली (₹5 करोड़ 4 महीने में) और फरीदाबाद (₹7-8 करोड़ 3 महीने में) के हॉस्पिटल्स ने अपने मंथली रेवेन्यू रन रेट (MRR) के लक्ष्य को जल्दी हासिल कर लिया है, जो कि एक पॉजिटिव संकेत है। कंपनी अपने एकॉयर किए गए आगरा फैसिलिटी (फरवरी 2026 से प्रभावी) के इंटीग्रेशन पर भी ध्यान देगी। कुल मिलाकर, कंपनी ग्रोथ को बनाए रखने और मार्जिन को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
