📈 मुनाफे में तूफानी तेजी, स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस भी सुधरी
Wockhardt लिमिटेड ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार देखा गया है, खासकर स्टैंडअलोन (Standalone) स्तर पर। Q3 FY26 में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 32.3% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹430 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹325 करोड़ था।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में भारी सुधार हुआ है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹28 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹22 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) था। स्टैंडअलोन ईपीएस (EPS) भी ₹(1.40) से बढ़कर ₹1.73 हो गया है।
नौ महीनों (9M FY26) की बात करें तो स्टैंडअलोन रेवेन्यू 16.8% बढ़कर ₹1,223 करोड़ हो गया और नेट प्रॉफिट ₹150 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹52 करोड़ का घाटा था। 9M FY26 के लिए स्टैंडअलोन ईपीएस ₹9.24 रहा।
🌍 कॉन्सोलिडेटेड नतीजों में भी दम
कॉन्सोलिडेटेड (Consolidated) स्तर पर भी कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। Q3 FY26 में रेवेन्यू 23.2% की बढ़ोतरी के साथ ₹888 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹721 करोड़ था। नेट प्रॉफिट में 205% की शानदार उछाल के साथ यह ₹61 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह ₹20 करोड़ था। कॉन्सोलिडेटेड ईपीएस ₹0.91 से बढ़कर ₹3.61 हो गया।
नौ महीनों (9M FY26) में, कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू 6.1% बढ़कर ₹2,408 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट में भारी सुधार देखा गया और यह ₹35 करोड़ रहा, जबकि पिछले नौ महीनों में ₹12 करोड़ का घाटा था। 9M FY26 का कॉन्सोलिडेटेड ईपीएस ₹2.89 रहा।
⚠️ खास एडजस्टमेंट और लागतें
नौ महीनों के कॉन्सोलिडेटेड नतीजों में कुछ खास आइटम (Exceptional Items) शामिल हैं, जिनकी कुल राशि ₹107 करोड़ है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ₹97 करोड़ का है, जो कंपनी द्वारा अपने अमेरिकी जेनेरिक फार्मा कारोबार से बाहर निकलने (US Generic Pharmaceutical Business Exit) के फैसले से संबंधित है। इस वजह से उसकी अमेरिकी सब्सिडियरीज़ (Morton Grove Pharmaceuticals Inc. और Wockhardt USA LLC) का वॉलंटरी लिक्विडेशन (Voluntary Liquidation) करना पड़ा। इसके अलावा, ₹10 करोड़ का अतिरिक्त असर नए भारतीय लेबर कोड्स (Indian Labour Codes) के कारण हुआ है।
🔍 आगे क्या?
कंपनी के नतीजों में मजबूत सुधार दिख रहा है, लेकिन मैनेजमेंट की ओर से भविष्य के लिए कोई खास आउटलुक (Outlook) या गाइडेंस (Guidance) नहीं दिया गया है। अमेरिकी बाजार से निकलने का यह रणनीतिक फैसला (Strategic Decision) लंबी अवधि में कितना फायदेमंद साबित होगा, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी। कंपनी केवल फार्मास्युटिकल बिजनेस सेगमेंट में ही काम करती है, इसलिए यह सेक्टर-विशिष्ट रेगुलेटरी बदलावों और बाजार की चाल के प्रति संवेदनशील बनी रहेगी।