Wockhardt Q2 Results: रेवेन्यू में **24%** की धाकड़ उछाल, Miqnaf को मिली रेगुलेटरी मंजूरी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Wockhardt Q2 Results: रेवेन्यू में **24%** की धाकड़ उछाल, Miqnaf को मिली रेगुलेटरी मंजूरी

Wockhardt ने Q2 FY2027 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **24%** बढ़कर **₹969 करोड़** रहा। हालांकि, खर्च बढ़ने से नेट प्रॉफिट में **11%** की गिरावट आई है। राहत की खबर यह है कि रेगुलेटर ने कंपनी की एंटीबायोटिक दवा Miqnaf के लिए सप्लाई पाबंदियां हटा दी हैं।

Wockhardt Limited के लिए दूसरी तिमाही के नतीजे काफी मिले-जुले रहे हैं। एक तरफ जहां कंपनी की बिक्री में जोरदार इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ते खर्चों का असर मुनाफे पर पड़ा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹782 करोड़ से बढ़कर ₹969 करोड़ हो गया है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान बायोटेक्नोलॉजी सेगमेंट का रहा, जिसने 68% की जबरदस्त छलांग लगाते हुए ₹252 करोड़ का आंकड़ा छुआ।

प्रॉफिट पर क्यों पड़ा दबाव?

टॉप-लाइन में मजबूती के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट 11% घटकर ₹73 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹82 करोड़ था। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹907 करोड़ हो गया है। हालांकि, अगर पहली छमाही (H1) को देखें तो कंपनी ने ₹180 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही के ₹26 करोड़ के नुकसान की तुलना में एक बड़ा सुधार है।

Miqnaf के लिए बड़ी जीत

कंपनी के लिए सबसे बड़ी खबर Miqnaf (nafithromycin) को लेकर आई है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इस दवा की सप्लाई पर लगी शर्तों को हटा दिया है। अब Wockhardt पूरे भारतीय बाजार में Miqnaf को तेजी से डिस्ट्रीब्यूट कर सकेगी। कंपनी अब इसे अप्पर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के इलाज के लिए भी पेश करने की तैयारी कर रही है।

आगे की राह

कंपनी का फोकस अब ग्लोबल मार्केट में अपने नए एंटीबायोटिक Zaynich और Miqnaf की बिक्री बढ़ाने पर है। हालांकि, फार्मा सेक्टर में कड़ा मुकाबला जारी है, इसलिए आने वाली तिमाहियों में कंपनी के लिए ऑपरेशनल खर्च को मैनेज करना और अपनी नई दवाओं को बाजार में सफलता से उतारना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.