World Health Organization (WHO) ने बच्चों के लिए मोटापा घटाने वाली दवाओं और सर्जरी को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। 10 साल से कम उम्र के बच्चों पर इन दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है, जिससे फार्मा कंपनियों की भविष्य की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
Pharma कंपनियों की रणनीति पर सीधा असर\n\nWHO की ये नई गाइडलाइंस उन फार्मा कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं, जो तेजी से 'ओबेसिटी' (Obesity) ट्रीटमेंट मार्केट में अपना विस्तार कर रही थीं। खासकर जो कंपनियां GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट विकसित कर रही हैं, उन्हें अब एक स्पष्ट रेगुलेटरी लक्ष्मण रेखा का सामना करना पड़ेगा। हालांकि 10 से 19 साल के किशोरों के लिए दवाइयों की अनुमति है, लेकिन यह तभी संभव है जब लाइफस्टाइल में बदलाव के प्रोग्राम पूरी तरह फेल हो जाएं। इससे मार्केट में एंट्री का बैरियर काफी बढ़ गया है।\n\n### एडल्ट मार्केट से अलग रुख\n\nयह गाइडलाइंस दिसंबर 2025 में जारी वयस्क मोटापे के नियमों से काफी अलग हैं। WHO का अब साफ मानना है कि 19 साल से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए मेडिकल इंटरवेंशन से ज्यादा जरूरी बेहतर लाइफस्टाइल और खान-पान में सुधार है। संस्था ने क्लिनिकल इलाज को दूसरे स्थान पर रखा है और बच्चों के लिए सपोर्टिव एनवायरनमेंट बनाने पर जोर दिया है।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)\n\nहेल्थकेयर सेक्टर के निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क पेडियाट्रिक सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ का कम होना है। यदि दुनिया भर के रेगुलेटर्स इन नियमों को अपनाते हैं, तो युवा आबादी के बीच दवाओं की मांग उम्मीद से कम रह सकती है। इसके अलावा, नई और पुरानी क्लिनिकल ट्रायल्स पर खर्च बढ़ना तय है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि अलग-अलग देश की सरकारें इन गाइडलाइंस को अपनी रिइम्बर्समेंट पॉलिसी (Reimbursement Policy) में कैसे शामिल करती हैं।