मार्जिन में सुधार से मुनाफे की उड़ान
Q4 FY26 में Viyash Scientific की प्रॉफिटेबिलिटी में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। जहां पिछले साल इसी तिमाही में ₹32 करोड़ का घाटा था, वहीं इस बार कंपनी ने ₹66 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। इस शानदार टर्नअराउंड की वजह प्रॉफिट मार्जिन में आया सुधार है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹920 करोड़ रहा, वहीं EBITDA में 64% का तगड़ा इजाफा हुआ और यह ₹200 करोड़ पर पहुंच गया। यह मजबूत EBITDA ग्रोथ ऑपरेशनल एफिशिएंसी और इफेक्टिव प्राइसिंग स्ट्रैटेजी का नतीजा है, जो बेहतर डिमांड और प्रोडक्ट मिक्स से प्रेरित है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजों की बात करें तो Viyash Scientific का नेट प्रॉफिट 14 गुना बढ़कर ₹225 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 60% बढ़कर ₹702 करोड़ रहा। कंपनी के CEO, डॉ. हरि बाबू बोडेपुडी (Dr. Hari Babu Bodepudi) ने बताया कि मर्जर सिनर्जी का फायदा उठाने पर फोकस, ऑपरेटिंग लिवरेज और Resilience को मजबूत कर रहा है। मंगलवार को शेयर में 1% की मामूली बढ़त के साथ ₹229 का स्तर देखा गया।
ग्लोबल पोजीशन और भविष्य की रणनीति
Viyash Scientific ग्लोबल एनिमल हेल्थ सेक्टर की टॉप 25 कंपनियों में शुमार है। कंपनी का इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल, जिसमें फॉर्मूलेशन, एपीआई (API), और मानव व पशु चिकित्सा बाजारों के लिए CDMO सेवाएं शामिल हैं, इसे डाइवर्सिफिकेशन का फायदा देता है। कंपनी अपनी मार्केट पोजीशन और टेक्नोलॉजी को मजबूत करने के लिए एक्विजिशन (Acquisitions) पर भी विचार कर रही है। मजबूत प्रोडक्ट पाइपलाइन के साथ, Viyash FY27 में भी ग्रोथ जारी रखने का लक्ष्य लेकर चल रही है। खास बात यह है कि Viyash Scientific की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज USFDA और EUGMP जैसी बड़ी रेगुलेटरी बॉडीज से अप्रूव्ड हैं, जिससे इसे महत्वपूर्ण इंटरनेशनल मार्केट्स तक पहुंच मिलती है।
संभावित जोखिम और कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
सकारात्मक नतीजों के बावजूद, Viyash Scientific को कुछ जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। मर्जर सिनर्जी पर निर्भरता में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risks) हैं; इंटीग्रेशन में देरी से भविष्य की ग्रोथ बाधित हो सकती है। हालांकि, 0.2 गुना का नेट डेट टू EBITDA रेश्यो (Net Debt to EBITDA ratio) एक हेल्दी बैलेंस शीट का संकेत देता है, लेकिन आक्रामक एक्विजिशन स्ट्रेटेजी से डेट लेवल बढ़ सकता है। फार्मा और एनिमल हेल्थ सेक्टर बेहद कॉम्पिटिटिव है, जहां बड़ी ग्लोबल कंपनियां भारी R&D रिसोर्सेज के साथ मौजूद हैं। Viyash Scientific, ग्लोबल रैंकिंग के बावजूद, छोटे पैमाने पर काम करती है। इसके अलावा, ग्लोबल सप्लाई चेन की किसी भी समस्या का फिर से उभरना या रेगुलेटरी स्क्रूटनी (Regulatory Scrutiny) में बढ़ोतरी भी प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकती है।
