Vijaya Diagnostic Centre Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के अपने नतीजे पेश किए हैं, जो कंपनी के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाते हैं। साल-दर-साल (YoY) आधार पर, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में 21.4% की प्रभावशाली बढ़त दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹168.98 करोड़ से बढ़कर ₹205.21 करोड़ हो गया। इसी अवधि में, EBITDA 28.2% बढ़कर ₹86.05 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के लिए एक और सकारात्मक खबर यह है कि EBITDA मार्जिन में 221 बेसिस पॉइंट्स (bps) का सुधार हुआ है और यह 41.9% हो गया है, जो पिछले साल 39.7% था।
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी साल-दर-साल 22.3% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹43.18 करोड़ पर रहा, और PAT मार्जिन 15 bps बढ़कर 21.0% हो गया। बेसिक ईपीएस (EPS) भी 22.2% बढ़कर ₹4.2 दर्ज किया गया।
तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) प्रदर्शन को देखें तो रेवेन्यू में 1.8% की मामूली वृद्धि हुई, जो ₹205.21 करोड़ रहा। EBITDA में 5.2% का इजाफा हुआ और यह ₹86.05 करोड़ दर्ज किया गया, जिसमें मार्जिन 134 bps बढ़कर 41.9% हो गया। हालांकि, इस तिमाही में PAT में 0.2% की मामूली गिरावट आई और यह ₹43.18 करोड़ रहा, जिससे PAT मार्जिन 43 bps घटकर 21.0% हो गया। ईपीएस (EPS) स्थिर रहा।
पहले नौ महीनों (9M) में FY26 के लिए, कंपनी ने कुल 17.1% की YoY वृद्धि के साथ ₹594.83 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। EBITDA में 18.1% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹241.41 करोड़ रहा, जबकि PAT 14.8% बढ़कर ₹125.05 करोड़ हो गया।
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि यह शानदार प्रदर्शन मुख्य रूप से वॉल्यूम ग्रोथ (लगभग 15%) और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी का नतीजा है। मार्जिन में विस्तार, खासकर EBITDA मार्जिन में 221 bps का सुधार, लाभप्रदता बढ़ाने पर कंपनी के फोकस को दिखाता है।
मैनेजमेंट ने अपनी विस्तार योजनाओं की सफलता पर भी प्रकाश डाला, खासकर हब-एंड-स्पोक मॉडल के सफल कार्यान्वयन पर। पूर्वी भारत और टियर-2/3 शहरों में नए लॉन्च किए गए हब्स के तेजी से ब्रेक-ईवन (break-even) होने से कंपनी का आत्मविश्वास बढ़ा है। कंपनी के पास मार्च 2025 तक ₹2,067 मिलियन का सरप्लस कैश था, जबकि लीज लायबिलिटी ₹2,964 मिलियन थी, जो एक एसेट-लाइट विस्तार मॉडल को इंगित करता है।
भविष्य को देखते हुए, Vijaya Diagnostics नए हब्स को स्थिर करने, अधिक स्पोक्स (spokes) को चालू करने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी में निवेश करने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। कंपनी H2 FY26 और H1 FY27 में कई भौगोलिक क्षेत्रों में और विस्तार की योजना बना रही है। निवेशकों की नजरें नए सेंटरों की लाभप्रदता और मार्जिन की निरंतरता पर बनी रहेगी, क्योंकि विस्तार योजनाओं के कार्यान्वयन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे जोखिमों पर पैनी नजर रखनी होगी।