ग्रोथ की रफ्तार जारी, मार्जिन में भी उछाल!
Vijaya Diagnostic Centre (VDC) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 21.4% बढ़कर ₹205 करोड़ पर पहुंच गया। इस ग्रोथ की मुख्य वजह टेस्ट वॉल्यूम में 14.7% की बढ़ोतरी और प्रति टेस्ट औसत रियलाइजेशन में 6.7% का इजाफा रही।'
चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी ने इसी तिमाही में चार नए सेंटर्स को भी चालू किया, इसके बावजूद EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में 28.2% का उछाल आया। EBITDA मार्जिन 221 बेसिस पॉइंट सुधरकर 41.9% पर पहुंच गया। यह दिखाता है कि कंपनी नए सेंटर्स को कितनी तेजी से प्रॉफिटेबल बना रही है और ऑपरेशनल लेवरेज का कितना अच्छे से इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का प्रति फुटफॉल रेवेन्यू भी 9% बढ़ा है।
विस्तार की रणनीति रंग लाई, Medinova के साथ हुआ मर्जर!
Vijaya Diagnostic Centre की विस्तार की रणनीति कामयाब साबित हो रही है। पश्चिम बंगाल में खोले गए नए सेंटर्स उम्मीद से पहले, यानी तीन तिमाहियों में ही ब्रेक-ईवन पर आ गए हैं। कंपनी की वेलनेस सर्विसेज, जो अब कुल रेवेन्यू का 14.7% हिस्सा हैं, छोटे शहरों में भी काफी लोकप्रिय हो रही हैं।
इस बीच, कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि Medinova Diagnostic Services Limited के साथ मर्जर पूरा हो गया है। यह मर्जर 4 नवंबर, 2025 से प्रभावी है। इस मर्जर के तहत 1 VDC शेयर के बदले 22 Medinova शेयर दिए जाएंगे। इस कंसॉलिडेशन का मकसद ऑपरेशनल तालमेल बढ़ाना, सर्विस एफिशिएंसी में सुधार करना और संयुक्त कंपनी की मार्केट पोजीशन को मजबूत करना है। पुणे में PH Diagnostics का इंटीग्रेशन भी सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।
वैल्यूएशन और भविष्य की राह
Vijaya Diagnostic Centre का शेयर फिलहाल ₹1,022 के आसपास ट्रेड कर रहा है। पिछले एक साल में इसने करीब 10.19% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹10,518 करोड़ है। इसका P/E रेश्यो 63.22x से 69.0x के बीच है, जो इसके 3-साल के औसत 65.5x से थोड़ा कम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर में अभी और तेजी की उम्मीद है, और उन्होंने औसतन ₹1,159.70 का टारगेट प्राइस दिया है।
हालांकि, कुछ बातों पर ध्यान देना भी जरूरी है। नए सेंटर्स में भारी निवेश (कैपेक्स) और शुरुआती परिचालन घाटे का जोखिम बना हुआ है। इंपोर्टेड रिएजेंट्स की बढ़ती लागत और नए सेंटर्स के स्टार्ट-अप लॉस से ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (OPM) में थोड़ी कमी आ सकती है। साथ ही, भारतीय डायग्नोस्टिक मार्केट में गलाकाट प्रतिस्पर्धा है।
कंपनी ने FY26 के लिए कम से कम 15% टॉप-लाइन ग्रोथ का अनुमान लगाया है और EBITDA मार्जिन को 40% के आसपास बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। Medinova के साथ सफल इंटीग्रेशन कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर साबित होगा।