Argentina में 'Ceftriaxone' को मिली हरी झंडी
Venus Remedies ने गुरुवार को बताया कि उसे Argentina के राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण (National Regulatory Authority) से उसके एंटीबायोटिक Ceftriaxone के लिए मार्केटिंग अप्रूवल मिल गया है। यह मंजूरी कंपनी के लिए लैटिन अमेरिका में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसके ग्लोबल प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करती है। अब Ceftriaxone को 39 देशों में मार्केटिंग अप्रूवल मिल चुका है।
लैटिन अमेरिका में बढ़ेगी Venus Remedies की धाक
यह कदम कंपनी की महत्वपूर्ण एंटी-इन्फेक्टिव दवाओं तक पहुंच बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, यह भारत की क्वालिटी इंजेक्टेबल मेडिसिन की ग्लोबल सप्लायर के तौर पर स्थिति को भी मजबूत करता है। Venus Remedies Ltd में ग्लोबल क्रिटिकल केयर के प्रेसिडेंट, सारंश चौधरी (Saransh Chaudhary) ने इस अप्रूवल को 'इस क्षेत्र में हमारी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम' बताया है।
Argentina: एक बड़ा और अहम मार्केट
Argentina, लैटिन अमेरिका का चौथा सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल मार्केट है, जिसकी वैल्यू 2023 में लगभग $7.3 बिलियन थी। Ceftriaxone एक प्रमुख एंटीबायोटिक है जिसका इस्तेमाल मेनिनजाइटिस, श्वसन पथ के संक्रमण और सर्जिकल इन्फेक्शन जैसे गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन के इलाज के लिए किया जाता है, जिससे यह अस्पतालों के लिए बहुत जरूरी हो जाता है। यह मंजूरी कंपनी की दुनिया भर में चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण और सुलभ एंटी-इन्फेक्टिव दवाओं की पेशकश करने की स्ट्रैटेजी के अनुरूप है।
लैटिन अमेरिका के फार्मा मार्केट में तेजी का अनुमान
पूरे लैटिन अमेरिकी फार्मास्युटिकल मार्केट में 2024 में अनुमानित $91.85 बिलियन से बढ़कर 2034 तक $172.71 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Venus Remedies की इंटरनेशनल बिजनेस प्रेसिडेंट, अदिति के. चौधरी (Aditi K Chaudhary) ने इस अप्रूवल को 'हमारे लैटिन अमेरिका विस्तार यात्रा में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माइलस्टोन' बताया है। 2024 में, भारत ने Argentina को लगभग $17.5 मिलियन की फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट किया, और लैटिन अमेरिका व कैरिबियन क्षेत्र भारत के कुल फार्मा एक्सपोर्ट का 6.69% (FY25) रहा।
