US का बड़ा फैसला: Indian Pharma के लिए राहत, कई दवाओं पर नहीं लगेगा **100%** टैरिफ

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AuthorMehul Desai|Published at:
US का बड़ा फैसला: Indian Pharma के लिए राहत, कई दवाओं पर नहीं लगेगा **100%** टैरिफ

US कॉमर्स डिपार्टमेंट ने भारतीय फार्मा कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए विशेष दवाओं और इंग्रीडिएंट्स को **100%** टैरिफ से बाहर रखा है। यह नियम **29 सितंबर** से लागू होगा।

राहत की खबर

US कॉमर्स डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि भारत से एक्सपोर्ट होने वाली कुछ खास स्पेशलिटी दवाएं और इंग्रीडिएंट्स अब 100% की प्रस्तावित टैरिफ दर के दायरे में नहीं आएंगे। यह राहत 29 सितंबर से प्रभावी होगी। इस सूची में दुर्लभ बीमारियों, बांझपन (infertility), सेल और जीन थेरेपी से जुड़ी दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, पेटेंट-मुक्त पशु स्वास्थ्य दवाओं को भी जीरो-टैरिफ कैटेगरी में रखा गया है।

क्यों लिया गया फैसला?

यह कदम ग्लोबल सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। भारत के अलावा, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ के देशों को भी इसी तरह की छूट दी गई है। अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक दवाओं की आपूर्ति में कोई बाधा न आए, जो 100% ड्यूटी लगने की स्थिति में बेहद महंगी हो सकती थीं।

भारतीय कंपनियों पर असर

भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए अमेरिका सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। Sun Pharmaceutical Industries, Dr. Reddy's Laboratories और Lupin Limited जैसी दिग्गज कंपनियां इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित होती हैं। हालांकि जेनेरिक दवाओं और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) को छूट मिलना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि 'पेटेंटेड ड्रग्स' की एक विस्तृत लिस्ट पर अभी भी 100% टैरिफ लागू रहेगा।

निवेशकों के लिए आगे की राह

राहत मिलने के बावजूद, USFDA इंस्पेक्शन और अमेरिकी बाजार में लगातार बनी हुई प्राइसिंग प्रेशर जैसी चुनौतियां बरकरार हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाही की अर्निंग कॉल्स पर नजर रखनी चाहिए, जहां कंपनियां यह स्पष्ट करेंगी कि इन व्यापारिक नियमों का उनके मार्जिन और लॉन्ग-टर्म एक्सपोर्ट स्ट्रैटेजी पर क्या असर पड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.