Truevis Technologies और Neusoft Medical Systems ने चेन्नई में एक नया स्पेयर-पार्ट्स हब शुरू किया है, जिससे देशभर के अस्पतालों में डायग्नोस्टिक मशीनों की मरम्मत में अब तेजी आएगी।
चेन्नई में नया हब, मरम्मत में आएगी रफ्तार
Truevis Technologies और Neusoft Medical Systems ने भारत में एडवांस्ड मेडिकल डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट की सर्विसिंग को बेहतर बनाने के लिए चेन्नई में एक डेडिकेटेड स्पेयर-पार्ट्स हब लॉन्च किया है। यह हब मुख्य रूप से CT स्कैनर्स, MRI सिस्टम्स और PET/CT यूनिट्स जैसे हाई-एंड इमेजिंग मशीनों के पुर्जों को स्टोर करेगा, ताकि अस्पतालों को तेजी से सर्विस मिल सके।
क्या है इनकी सप्लाई चेन स्ट्रेटेजी?
यह नया केंद्र विशाखापत्तनम में पहले से मौजूद कंपनी की फैसिलिटी के साथ मिलकर काम करेगा। अब तक कंपनियां सिंगल-पॉइंट डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल पर काम कर रही थीं, लेकिन चेन्नई में हब खोलने से लॉजिस्टिक्स का विकेंद्रीकरण होगा। यह मॉडल मशीनों के डाउनटाइम को कम करने में मदद करेगा, जो मरीजों के इलाज के लिए बेहद जरूरी है।
इम्पोर्ट मॉडल और चुनौतियां
यह ऑपरेशन Free Trade Warehousing Zone (FTWZ) का लाभ उठा रहा है, जिससे चीन स्थित मैन्युफैक्चरिंग साइट्स से पुर्जों को आसानी से मंगाया जा सकेगा। हालांकि, इस बिजनेस मॉडल के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। भारतीय मेडिकल डिवाइस सेक्टर अभी भी काफी हद तक इम्पोर्ट पर निर्भर है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधा, लॉजिस्टिक्स की देरी और करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसे बाहरी रिस्क बने रहते हैं।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि यह हब कंपनी की सर्विस टर्नअराउंड टाइम (TAT) को कितना बेहतर बनाता है और बढ़ती इम्पोर्ट लागत को मैनेज करने में यह पार्टनरशिप कितनी सफल रहती है।
