घाटे में डूबती Transgene Biotek, SEBI की कार्रवाई ने रोके सभी काम
मुंबई: Transgene Biotek Limited ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और पहले नौ महीनों (9M FY26) के लिए बेहद निराशाजनक वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट लॉस (Net Loss) में भारी उछाल आया है, जबकि रेवेन्यू (Revenue) साल-दर-साल घटता चला गया है। इस खराब वित्तीय स्थिति के ऊपर से SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) द्वारा कंपनी के बैंक खातों और संपत्तियों (Assets) को फ्रीज करने के आदेश ने कंपनी के सभी ऑपरेशन्स (Operations) को लगभग रोक दिया है।
वित्तीय नतीजों पर एक नजर:
Q3 FY26 के लिए, Transgene Biotek का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹5.45 लाख रहा, जो पिछले साल की समान अवधि (Q3 FY25) के ₹7.65 लाख की तुलना में 28.76% की बड़ी गिरावट दर्शाता है। इस तिमाही में कंपनी को ₹37.38 लाख (यानी ₹0.37 करोड़) का भारी नेट लॉस हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए ₹8.90 लाख (यानी ₹0.09 करोड़) के लॉस से कहीं ज्यादा है।
वहीं, 9 महीने की अवधि (9M FY26) के अंत तक, रेवेन्यू ₹15.68 लाख पर आ गया, जो पिछले साल की समान अवधि (9M FY25) के ₹18.42 लाख से 15.42% कम है। कंपनी को 9M FY26 में ₹119.59 लाख (यानी ₹1.20 करोड़) का भारी नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने ₹3.70 लाख (यानी ₹0.04 करोड़) का नेट प्रॉफिट कमाया था।
खर्चों में बेतहाशा वृद्धि:
वित्तीय नतीजों की इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कुल खर्चों में बेतहाशा वृद्धि है। Q3 FY26 में कुल खर्च दोगुना से ज्यादा बढ़ गए, और 9M FY26 में यह 50% से अधिक रहा। खास तौर पर, फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई, जो 9M FY26 में ₹78.33 लाख तक पहुंच गई। इस साल 'Other Income' का पूरी तरह से गायब होना भी लॉस बढ़ने का एक अहम कारण है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 'Other Income' से ₹73.96 लाख की आय हुई थी।
कंपनी पर ₹408.74 करोड़ की एक बड़ी आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) भी है, जो उसकी वित्तीय स्थिति को और कमजोर करती है।
SEBI का शिकंजा और ठप पड़े कामकाज:
वित्तीय संकट के बीच, SEBI के रिकवरी ऑफिसर ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए कंपनी के सभी बैंक खातों और संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई ₹38 लाख की एक पुरानी अनपेड पेनल्टी (Unpaid Penalty) के संबंध में की गई है। कंपनी ने अपने डिस्क्लोजर में बताया है कि इस कार्रवाई के कारण सैलरी पेमेंट सहित सभी व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई हैं, जिससे कंपनी का कामकाज रुक गया है।
पुराने विवाद और बड़ी देनदारियां:
Transgene Biotek का रेगुलेटरी बॉडीज़ के साथ एक लंबा और विवादास्पद इतिहास रहा है। 2014 से ही कंपनी के GDRs (ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स) के जारी होने और फंड के दुरुपयोग से जुड़ी धोखाधड़ी के आरोपों की जांच SEBI कर रहा है। इन जांचों के चलते SEBI ने कंपनी के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स को कैपिटल मार्केट्स से प्रतिबंधित भी किया था।
इसके अलावा, कंपनी पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) का ₹203.02 करोड़ का एक और बड़ा जुर्माना बकाया है, जो GDR स्कीम से जुड़ा हुआ है।
लंबित कानूनी मामले:
कंपनी कई कानूनी लड़ाइयां लड़ रही है। सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT), अपीलेट ट्रिब्यूनल और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में सुनवाई की तारीखें लंबित हैं।
जोखिम और भविष्य:
कंपनी पर परफॉरमेंस, भारी फाइनेंस कॉस्ट, बड़ा कर्ज और रेगुलेटरी जोखिम मंडरा रहे हैं। बैंक खातों के फ्रीज होने से लिक्विडिटी (Liquidity) का संकट और बढ़ गया है। कुल मिलाकर, Transgene Biotek का भविष्य बेहद अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।