Torrent Pharmaceuticals ने भारत के तेजी से बढ़ते GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) एगॉनिस्ट मार्केट में अपनी धमाकेदार एंट्री की है। कंपनी ने डायबिटीज (मधुमेह) और ओबेसिटी (मोटापे) के इलाज के लिए सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) के ओरल और इंजेक्टेबल दोनों जेनेरिक वर्जन लॉन्च किए हैं। ओरल वर्जन, जिसे Sembolic नाम दिया गया है, भारत में अपनी तरह का पहला उत्पाद है, जिसका मकसद मरीजों तक इस दवा की पहुंच को आसान बनाना है। वहीं, इंजेक्टेबल वर्जन Semalix की कीमत ₹3,999 प्रति माह रखी गई है, जो इसे बाजार में प्रीमियम प्राइसिंग सेगमेंट में रखती है।
Torrent का यह कदम भारत में सेमाग्लूटाइड जेनेरिक दवाओं को लेकर छिड़ी 'दाम की जंग' के बीच आया है। सेमाग्लूटाइड का पेटेंट 21 मार्च 2026 को खत्म होने के बाद से ही भारतीय बाजार में जेनेरिक दवाओं की बाढ़ आ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 40 से अधिक निर्माता 50 से अधिक ब्रांड लॉन्च करने की तैयारी में हैं। जहां Innovator दवाओं जैसे Ozempic और Wegovy की कीमत ₹8,500 से ₹16,400 प्रति माह थी, वहीं जेनेरिक वर्जन ₹1,290 प्रति माह तक में बाजार में उतर रहे हैं। Torrent का ₹3,999 का प्राइस पॉइंट, Alkem Laboratories (जो ₹450 प्रति सप्ताह बेच रही है) और Natco Pharma (जो ₹1,290 प्रति माह बेच रही है) जैसी कंपनियों से सीधा मुकाबला करता है।
Torrent के लिए एक और अहम बात यह है कि उन्होंने Zydus Lifesciences के साथ एक लाइसेंसिंग और सप्लाई एग्रीमेंट किया है। इसके तहत Torrent, Zydus की फॉर्मूलेशन और मैन्युफैक्चरिंग का इस्तेमाल करके Sembolic ब्रांड के तहत इस दवा का सह-विपणन (co-market) करेगी। Torrent का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.45 ट्रिलियन है और P/E रेश्यो 63-66 के बीच है, जो इस लॉन्च से ग्रोथ की मजबूत उम्मीदें दिखाता है। वहीं, Zydus Lifesciences का P/E रेश्यो करीब 17-19 है और मार्केट कैप ₹89,600 करोड़ के आसपास है। Zydus भी अपनी सेमाग्लूटाइड फॉर्मूलेशन को एक रियूजेबल पेन के साथ लॉन्च कर रही है।
हालांकि, Torrent Pharma के लिए प्रीमियम प्राइसिंग एक चुनौती साबित हो सकती है। भारत एक विशाल लेकिन अत्यधिक कीमत-संवेदनशील बाजार है, जहां 10 करोड़ से अधिक डायबिटिक और 25 करोड़ से अधिक मोटापे से ग्रस्त लोग हैं। अगर Torrent का प्रीमियम प्राइसिंग बेहतर पेशेंट एक्सपीरियंस या नतीजे नहीं दे पाता, तो कीमत में 50-90% तक की कटौती करने वाले कंपटीटर्स से उसे कड़ी टक्कर मिल सकती है। Torrent का पिछला सेल्स ग्रोथ 7.72% रहा है, लेकिन हालिया बाजार की बढ़त से निवेशक सेंटीमेंट में सुधार के संकेत मिले हैं।
इसके अलावा, भारत की CDSCO (सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) GLP-1 दवाओं के विज्ञापन पर पैनी नजर रख रही है। दवाओं को लाइफस्टाइल एड के तौर पर प्रमोट करने पर रोक लगाई जा रही है और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह रेगुलेटरी दबाव सभी खिलाड़ियों के लिए प्रचार की रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि भारत का GLP-1 मार्केट तेजी से बढ़ेगा और 2030 तक भारतीय फार्मा मार्केट का 4-5% और डायबिटीज सेगमेंट का 25-30% हिस्सा बन सकता है। Torrent का ओरल और इंजेक्टेबल दोनों विकल्प पेश करने की रणनीति ग्राहकों की विभिन्न प्राथमिकताओं को पूरा कर सकती है। Torrent Pharmaceuticals के लिए एनालिस्ट्स की 'BUY' रेटिंग है और उनका एवरेज प्राइस टारगेट लगभग ₹4,500 है, जो कंपनी की भविष्य की संभावनाओं में विश्वास दिखाता है।
