Torrent Pharmaceuticals के सितंबर तिमाही के नतीजों में मिले-जुले संकेत दिखे हैं। रेवेन्यू में **51%** की शानदार उछाल के बावजूद नेट प्रॉफिट **₹534 करोड़** पर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले **10%** कम है। इसका मुख्य कारण JB Chemicals & Pharmaceuticals के साथ हुए मर्जर की लागत है।
मुनाफे पर मर्जर का दबाव
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के आंकड़े काफी दिलचस्प रहे हैं। जहां एक तरफ कंपनी का रेवेन्यू 51% बढ़कर ₹4,979 करोड़ तक पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट 10% गिरकर ₹534 करोड़ पर सिमट गया। यह गिरावट मुख्य रूप से जुलाई 2026 में प्रभावी हुए JB Chemicals & Pharmaceuticals के साथ विलय की प्रक्रिया से जुड़ी लागत के कारण आई है।
इंटीग्रेशन प्रक्रिया के दौरान क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम और ग्लोबल बिजनेस नेटवर्क को फिर से तैयार करने की लागत का असर मुनाफे पर पड़ा है। हालांकि, ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी मजबूत नजर आ रही है। ऑपरेटिंग EBITDA 53.8% बढ़कर ₹1,666 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन 33.5% पर बना हुआ है। सिर्फ JB Chemicals के बिजनेस ने इस तिमाही में ₹1,086 करोड़ का योगदान दिया है।
अलग-अलग बाजारों का प्रदर्शन
कंपनी का घरेलू (India) बिजनेस 20% की ग्रोथ के साथ ₹2,181 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कि मार्केट के सामान्य प्रदर्शन से बेहतर है। इंटरनेशनल मोर्चे पर ब्राजील और यूएस मार्केट ने शानदार प्रदर्शन किया, जहां क्रमशः 38% और 24% की ग्रोथ दर्ज की गई।
हालांकि, जर्मनी के बाजार में कंपनी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा और रेवेन्यू 7% गिर गया। इसकी मुख्य वजह सप्लाई चेन में रुकावट और बड़े टेंडर हाथ से निकलना रहा।
भविष्य की राह
कंपनी ने अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए R&D पर खर्च 35% बढ़ाकर ₹211 करोड़ कर दिया है। नतीजों के बाद, Bombay Stock Exchange पर कंपनी का शेयर 2.78% की गिरावट के साथ ₹4,482 पर बंद हुआ। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने मार्जिन को स्थिर कर पाएगी और जर्मनी के बाजार में सप्लाई चेन की दिक्कतों को दूर कर पाएगी।
