ICICI Securities ने फाइनेंशियल ईयर (FY26) के आखिर में Thyrocare Technologies के लिए एक मजबूत नतीजा आने का अनुमान लगाया है। हालांकि, यह उम्मीद की जा रही प्रॉफिट और सेल्स ग्रोथ ऐसे समय में आ रही है जब भारतीय डायग्नोस्टिक्स मार्केट भारी Competition और Pricing Pressure का सामना कर रहा है, जिससे लगातार हाई ग्रोथ और मार्जिन बनाए रखने में बड़ी चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
Q4 नतीजों का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि Q4 FY26 में Thyrocare का नेट प्रॉफिट 84.9% बढ़कर ₹40.1 करोड़ तक पहुंच सकता है, जबकि नेट सेल्स ₹214 करोड़ रहने का अनुमान है। वहीं, EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में 16.8% की बढ़ोतरी होकर ₹67.4 करोड़ होने की उम्मीद है। अगर ये आंकड़े सच साबित होते हैं, तो यह कंपनी के लिए एक बड़ी मजबूती मानी जाएगी। फिलहाल, कंपनी का शेयर लगभग ₹397 पर ट्रेड कर रहा है और इसका मार्केट कैप करीब ₹6,290 करोड़ है। पिछले एक साल में शेयर ₹538 से ₹273 के बीच झूलता रहा है।
मार्केट की स्थिति और Thyrocare की पोजीशन
यह उम्मीद तब आई है जब भारतीय डायग्नोस्टिक्स मार्केट के 2028 तक सालाना 11.7% से 14% की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह ग्रोथ क्रॉनिक बीमारियों, स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर इंश्योरेंस की वजह से होगी। लेकिन, इस सेक्टर में जबरदस्त Competition है और Thyrocare जैसे बड़े प्लेयर्स की हिस्सेदारी सिर्फ 15-25% है। Dr. Lal PathLabs और Metropolis Healthcare जैसी कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर के कारण Pricing Pressure बहुत ज्यादा है, जिसे इंडस्ट्री लीडर्स भी मानते हैं। हालांकि, पिछले पांच सालों में Thyrocare की कमाई में सालाना 9.2% की गिरावट आई थी, लेकिन हाल की तिमाहियों में इसमें सुधार दिख रहा है। कंपनी का मौजूदा P/E रेशियो लगभग 45 है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों से कम है, लेकिन पिछली ग्रोथ में कमी और मार्केट की चुनौतियों को देखते हुए यह काफी ज्यादा है। एनालिस्ट्स आम तौर पर स्टॉक को 'Buy' रेट कर रहे हैं और टारगेट प्राइस में तेजी का संकेत दे रहे हैं।
निवेशकों की चिंताएं और जोखिम
इन सकारात्मक अनुमानों के बावजूद, निवेशकों के लिए कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। सबसे बड़ी चिंता प्रमोटर्स के 100% शेयर प्लेज (Pledge) की है, जो जोखिम बढ़ा सकता है। पिछले तीन सालों में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी में भी कमी आई है, जो अंदरूनी विश्वास में कमी का संकेत दे सकती है। MarketsMojo ने valuation और टेक्निकल्स का हवाला देते हुए 4 मार्च 2026 को Thyrocare को 'Hold' रेटिंग दी थी। कंपनी के संस्थापक A. Velumani ने खुद कहा है कि Competition के कारण लैब टेस्ट की कीमतें पिछले 25 सालों से नहीं बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ रहा है। COVID-19 टेस्टिंग बूम के दौरान किए गए निवेशों से सेक्टर में ओवरकैपेसिटी (अधिक क्षमता) भी है, जिससे मार्केट में दबाव और मार्जिन पर असर पड़ रहा है।
आगे की राह
आगे चलकर, Thyrocare की कोशिश है कि Q4 के नतीजे उसके पैथोलॉजी और पार्टनरशिप सेगमेंट में हुए हालिया सुधारों को और मजबूत करें। कंपनी वॉल्यूम बढ़ाने के लिए अपने फ्रैंचाइजी नेटवर्क और पार्टनरशिप का विस्तार करने की योजना बना रही है। हालांकि ज्यादातर एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट प्राइस में तेजी का संकेत दे रहे हैं, जो नॉन-कोविड सेवाओं में रिकवरी और मार्केट ट्रेंड्स से प्रेरित है, लेकिन कंपनी की भविष्य की सफलता Pricing Pressure को मैनेज करने, लागतों को कंट्रोल करने और प्रमोटर प्लेज और धीमी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ जैसी संरचनात्मक समस्याओं को हल करने पर निर्भर करेगी।
