तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में **₹113 करोड़** की स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। इन नई सुविधाओं से मरीजों को आपातकालीन और विशेष देखभाल तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे दूरदराज के इलाकों में रेडिएशन थेरेपी और आईसीयू जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए यात्रा का समय कम होगा।
सरकारी अस्पतालों को मिला बड़ा बूस्ट
तमिलनाडु ने अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में ₹113 करोड़ की लागत वाली स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं का आधिकारिक उद्घाटन किया गया है। इन निवेशों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न जिलों में अस्पतालों की सर्जिकल क्षमता, डायग्नोस्टिक सेवाओं और विशेष चिकित्सा देखभाल को बढ़ाना है।
अरंथंगी अस्पताल का नया अवतार
इस पहल का एक अहम हिस्सा अरंथंगी सरकारी अस्पताल का उन्नयन है, जिसे अब जिला मुख्यालय अस्पताल का दर्जा दिया गया है। यहां ₹46 करोड़ की लागत से एक नई छह मंजिला इमारत बनाई गई है। साथ ही, ₹2.81 करोड़ अतिरिक्त खर्च कर आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण जैसे सीटी स्कैन, एक्स-रे मशीन, ब्लड बैंक और नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) स्थापित किए गए हैं। यह सब मुख्यमंत्री की व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों के लिए मददगार साबित होगा।
विरुuthunagar में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
विरुuthunagar जिले में, सिवकासी सरकारी अस्पताल का कायाकल्प करते हुए ₹32.65 करोड़ का विस्तार किया गया है। यहां एक नई छह मंजिला इमारत के साथ अस्पताल की बिस्तर क्षमता 150 बढ़कर अब कुल 290 हो गई है। नई सुविधाओं में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए एक समर्पित विंग और एक नया इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) शामिल है, जो गंभीर मरीजों के स्थानीय इलाज में अहम भूमिका निभाएगा।
दक्षिणी तमिलनाडु में कैंसर देखभाल को बढ़ावा
दक्षिणी तमिलनाडु में कैंसर के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। कन्याकुमारी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ₹6.78 करोड़ की लागत से एक समर्पित रेडियोथेरेपी सेंटर खोला गया है। विश्व बैंक की सहायता से 'तमिलनाडु स्वास्थ्य प्रणाली सुधार कार्यक्रम' के तहत बनी इस सुविधा में आधुनिक रेडियोथेरेपी मशीन के साथ 20 बेड वाला बंकर भी है। इससे मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनका पैसा और समय दोनों बचेगा।
अन्य जिलों में भी हुए सुधार
इसके अलावा, तिरुवल्लूर, डिंडीगुल और विल्लुपुरम जिलों में भी विभिन्न छोटे-बड़े सुधार किए गए हैं। इन जगहों पर ₹1.05 करोड़ से ₹3.50 करोड़ तक के निवेश से आउट पेशेंट, रेडियोलॉजी और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाया गया है। सरकार का यह प्रयास शहरी और अर्ध-शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुलभ बनाना है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में ये नई सुविधाएं मरीजों की संख्या, प्रतीक्षा समय और संचालन लागत को कैसे प्रभावित करती हैं।
