नतीजों का धमाका
Syschem India के लिए बीता तिमाही (Q3 FY26) मुनाफे के मामले में बेहद शानदार रहा। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 77.33% बढ़कर ₹161.64 करोड़ हो गया। लेकिन सबसे बड़ी खबर प्रॉफिट को लेकर है, जो 728.08% की तूफानी तेजी के साथ ₹4.17 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा महज़ ₹0.50 करोड़ था।
9 महीने का प्रदर्शन
अगर पिछले 9 महीनों (9MFY26) की बात करें, तो यहां भी कंपनी ने कमाल का प्रदर्शन किया है। रेवेन्यू में 64.18% की ग्रोथ के साथ यह ₹406.32 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह है कि इस अवधि में कंपनी ने पिछले साल के मामूली घाटे से उबरकर ₹7.74 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया है।
प्लांट विस्तार का बड़ा प्लान
इन शानदार नतीजों के साथ, Syschem India ने अपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ने ₹14 करोड़ के प्लांट विस्तार (Expansion) को हरी झंडी दे दी है। इस विस्तार में Amoxicillin और Ampicillin जैसे प्रमुख एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) के लिए एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगेगी। साथ ही, Cloxacillin Sodium, Dicloxacillin Sodium, और Flucloxacillin Sodium के लिए CDF यूनिट में भी सुधार किया जाएगा। पर्यावरण नियमों के पालन के लिए ETP और MEE का भी विस्तार होगा।
टाइमलाइन और फंडिंग
इस नए प्लांट के दिसंबर 2026 तक चालू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी आंतरिक कमाई (Internal Accruals) का इस्तेमाल कर सकती है या फिर कर्ज (Borrowings) ले सकती है। प्रबंधन का मानना है कि इस विस्तार से कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी, ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) सुधरेगी और रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
गवर्नेंस और ऑडिट
इसके अलावा, कंपनी ने SEBI के निर्देशों का पालन करते हुए एक संशोधित रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स पॉलिसी (Related Party Transactions Policy) का ड्राफ्ट भी मंजूर किया है। कंपनी के ऑडिटर (Auditor) ने भी अपनी रिपोर्ट पर कोई खास आपत्ति नहीं जताई है।