सूरत में सरकारी इम्यूनाइजेशन ड्राइव के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुखार की दवा की जगह डायबिटीज की दवा देने से **5** बच्चे बीमार हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। प्रशासन ने आरोपी हेल्थ वर्कर को सस्पेंड कर दिया है।
क्या हुआ था उस दिन?
गुजरात के सूरत में 'ममता दिवस' कार्यक्रम के दौरान यह बड़ी चूक हुई। पालसाना-01 सब-सेंटर पर बच्चों को वैक्सीन के बाद होने वाले बुखार के लिए पैरासिटामोल (Paracetamol) दी जानी थी, लेकिन इसकी जगह गलती से 2 mg की Glimepiride दे दी गई, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए होती है।
बच्चों की हालत और एक्शन
गलत दवा के असर से बच्चों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिनमें 3.5 महीने के बच्चे भी शामिल थे। 24 सितंबर तक सभी 5 बच्चों को पीडियाट्रिक आईसीयू (ICU) में भर्ती करना पड़ा। हालांकि, अब स्थिति स्थिर है। गुजरात के हेल्थ मिनिस्टर प्रफुल पानसेरिया ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया है।
सख्त कार्रवाई
सूरत डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अथॉरिटीज ने तुरंत एक्शन लेते हुए क्लास-3 हेल्थ वर्कर इंदुबेन रतिलाल चौधरी को सस्पेंड कर दिया है। उन्हें डांगरापाड़ा प्राइमरी हेल्थ सेंटर से अटैच किया गया है और जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की दूसरी नौकरी करने पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल, विभागीय जांच चल रही है कि डायबिटीज की दवा टीकाकरण वाली दवाओं के बीच कैसे पहुंची।
