नतीजों पर गौर: रेवेन्यू में तेज़ी, प्रॉफिट में नरमी
कंपनी के नतीजों पर गौर करें तो रेवेन्यू में जहां 11% का जोरदार उछाल देखने को मिला, वहीं प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 6.4% की धीमी बढ़त दिख रही है। Q3 FY26 में रेवेन्यू ₹206 करोड़ रहा, जो पिछले साल की Q3 FY25 के ₹186 करोड़ से अधिक है। लेकिन, नेट प्रॉफिट ₹50 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹47 करोड़ था।
EBITDA में 9% की बढ़त के साथ यह ₹72 करोड़ पर रहा, और मार्जिन 35% पर स्थिर बने हुए हैं। यह दिखाता है कि कंपनी के ऑपरेशन्स में लागत का दबाव हो सकता है, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में प्रॉफिट ग्रोथ धीमी रही। नौ महीनों (9M) FY26 के आंकड़ों में भी यही ट्रेंड है। रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹551 करोड़ हुआ, लेकिन EBITDA में सिर्फ 1.7% की मामूली बढ़त के साथ ₹196 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA मार्जिन 36% पर रहा।
भविष्य के लिए बड़े प्लान: ₹1000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य
कंपनी का मैनेजमेंट अपने 20% रेवेन्यू ग्रोथ के टारगेट को लेकर आश्वस्त है। FY27 तक ₹1000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी रेगुलेटेड मार्केट्स में अपनी पकड़ मजबूत करेगी, लागत कम करने और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन (backward integration) बढ़ाएगी, और चीन से मुकाबला करने के लिए नए प्रोडक्ट पोर्टफोलियो पर फोकस करेगी।
कंपनी हर साल 3-4 नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की योजना बना रही है। Q3 FY26 में कार्डियोवैस्कुलर (Cardiovascular) और ADHD प्रोडक्ट्स लॉन्च किए गए हैं। लिक्विड एनास्थेटिक्स (liquid anaesthetics) को कमर्शियलाइज कर दिया गया है और कंट्रास्ट मीडिया (contrast media) पर काम जारी है। उम्मीद है कि अगले 2-3 सालों में ये नए प्रोडक्ट्स रेवेन्यू में करीब 10% का योगदान देंगे।
Ambernath फैसिलिटी और कैपेक्स
Ambernath में बनी नई फैसिलिटी, जो CDMO सेगमेंट का अहम हिस्सा है, Q4 FY26 में पूरी तरह चालू हो जाएगी। यह फैसिलिटी अपने कैपिटल इन्वेस्टमेंट का 2.5 गुना तक रेवेन्यू दे सकती है। अगले 3-4 महीनों में EU CGMP इंस्पेक्शन होना है, जो इस फैसिलिटी के लिए मार्केट एक्सेस के वास्ते बहुत जरूरी है।
9M FY26 तक कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) ₹71 करोड़ रहा, जिसका बड़ा हिस्सा Ambernath फैसिलिटी पर खर्च हुआ। FY26 के लिए अभी करीब ₹15 करोड़ और खर्च होने हैं। Ambernath पर कुल ₹140-160 करोड़ का कैपेक्स होने का अनुमान है। FY27 में Patalganga में यूटिलिटीज ब्लॉक के लिए भी शुरुआती कैपेक्स की योजना है।
मजबूत फाइनेंशियल्स और आउटलुक
कंपनी की लिक्विडिटी (liquidity) की पोजीशन मजबूत बनी हुई है। पिछले नौ महीनों से वर्किंग कैपिटल लिमिट (working capital limit) का कोई इस्तेमाल नहीं हुआ है। बैकवर्ड इंटीग्रेशन 74% तक पहुंच गया है, जिसे 80-82% तक ले जाने का लक्ष्य है, जो कॉस्ट एफिशिएंसी के लिए एक बड़ा कदम है।
कुल मिलाकर, Supriya Lifescience का आउटलुक (outlook) पॉजिटिव लग रहा है। कंपनी Q4 में अच्छे परफॉर्मेंस की उम्मीद कर रही है, जिससे पूरे साल का ग्रोथ टारगेट पूरा हो सके। ₹1000 करोड़ के FY27 के लक्ष्य और नई कैपेसिटी व प्रोडक्ट्स के साथ, कंपनी भविष्य में अच्छी ग्रोथ दिखा सकती है। निवेशकों की नजरें Ambernath फैसिलिटी के प्रदर्शन और नए प्रोडक्ट्स की सफलता पर रहेंगी।