Hospital Stocks: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से अस्पतालों की बढ़ी मुश्किलें, शेयरों में **7%** तक की भारी गिरावट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Hospital Stocks: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से अस्पतालों की बढ़ी मुश्किलें, शेयरों में **7%** तक की भारी गिरावट

कैंसर की दवाओं और मेडिकल कंज्यूमेबल्स पर अत्यधिक मुनाफे (Markup) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सरकार से सभी दवाओं पर **16%** ट्रेड मार्जिन कैप लगाने पर विचार करने को कहा है, जिससे अस्पतालों के रेवेन्यू पर असर पड़ने की चिंता में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। 29 सितंबर, 2026 को हुई सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि कुछ मामलों में दवाएं उनकी लागत से 10 गुना ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं। बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह सभी दवाओं पर समान रूप से 16% का ट्रेड मार्जिन कैप लागू करने की संभावना तलाशे, जो अभी मुख्य रूप से केवल 'शेड्यूल्ड' दवाओं पर ही लागू होता है।\n\n### निवेशकों की चिंता और असर\nअस्पतालों के फार्मेसी और कंज्यूमेबल्स सेगमेंट उनके कुल रेवेन्यू का लगभग 20% से 25% हिस्सा होते हैं। सरकार द्वारा ट्रेड मार्जिन पर कैप लगाने से अस्पतालों के प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा दबाव पड़ सकता है, क्योंकि उनका बिजनेस मॉडल ही प्रोक्योरमेंट और मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) के बीच के अंतर पर टिका है।\n\nबाजार की इस अनिश्चितता के बीच Apollo Hospitals, Max Healthcare और Fortis Healthcare जैसे दिग्गज स्टॉक्स में एक ही दिन में 5% से 7% तक की गिरावट दर्ज की गई।\n\n### पुरानी यादें और आगे की राह\nनिवेशकों को 2017 का दौर याद आ रहा है, जब कार्डियक स्टेंट्स और नी इंप्लांट्स पर सरकार ने प्राइस कंट्रोल लागू किया था। उस समय कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल बदलने पड़े थे। अब निवेशकों की निगाहें 12 अक्टूबर, 2026 की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां सरकार अपना पक्ष रखेगी। किसी भी नए रेगुलेशन का दायरा और उसे लागू करने की समयसीमा ही तय करेगी कि अस्पतालों का मुनाफा आने वाले समय में कितना प्रभावित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.