क्यों आई शेयर बाजार में तेजी?
Sun Pharmaceutical Industries Ltd. ने अमेरिकी कंपनी Organon & Co. के साथ $11.75 बिलियन (जिसमें डेट भी शामिल है) के ऑल-कैश ट्रांजेक्शन के लिए एग्रीमेंट किया है। यह डील Sun Pharma का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है और इससे कंपनी की ग्लोबल मौजूदगी काफी मजबूत होगी।
इस खबर ने सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट को बड़ी मजबूती दी। शुरुआती कारोबार में S&P BSE Sensex 523.17 अंक बढ़कर 77,187.38 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty50 भी 158.35 अंक की तेजी के साथ 24,056.30 पर ट्रेड कर रहा था। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के स्टॉक्स में खास तौर पर अच्छी बढ़त देखी गई।
लेकिन, बाजार पर मंडरा रहे ये जोखिम!
हालांकि, यह पॉजिटिव माहौल कुछ बड़ी आर्थिक चिंताओं के चलते थोड़ा फीका पड़ता दिख रहा है। Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि लगातार जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भारत के नज़दीकी अवधि के आउटलुक पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
नायर ने आगे बताया कि आजकल मार्केट खबरों पर तेजी से रिएक्ट कर रहा है, और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ट्रेड का बूम ग्लोबल निवेशकों की दिलचस्पी खींच रहा है। AI में आई इस तूफानी तेजी ने अमेरिकी बाजारों को रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा दिया है, जहां Nvidia जैसी कंपनियों का वैल्यूएशन $5 ट्रिलियन के पार निकल गया है।
विनोद नायर ने यह भी कहा कि साउथ कोरिया और ताइवान जैसे AI हब भारी मात्रा में विदेशी निवेशकों का पैसा आकर्षित कर रहे हैं, जो अक्सर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट की बजाय उन जगहों पर जा रहा है। उनका मानना है कि इन कुछ बड़ी स्टॉक्स पर यह फोकस शायद ज्यादा समय तक न रहे, और AI ट्रेड में कोई भी बड़ा बदलाव ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फ्लो को काफी हद तक बदल सकता है।
इसलिए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखें। बाहरी आर्थिक दबावों, जैसे कि एनर्जी क्राइसिस के बावजूद, भारत की घरेलू ग्रोथ मजबूत बनी हुई है, जिसे हाल में प्राइवेट कैपिटल स्पेंडिंग में हुई बढ़ोतरी का भी समर्थन मिल रहा है।
