दमदार नतीजों से निवेशकों को राहत, Trade Deal से मिली नई उम्मीद
Sun Pharma के लिए दिसंबर की तिमाही (Q3) नतीजों के लिहाज़ से काफी अच्छी रही। कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) और ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) में करीब 13-14% की ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) सालाना आधार पर 17% बढ़ा है। इस शानदार परफॉरमेंस का श्रेय भारत में 16% की ग्रोथ, उभरते बाजारों में 28% की बढ़त और दुनिया के बाकी हिस्सों (Rest-of-World) में 21% के इजाफे को जाता है।
US मार्केट से मिले-जुले संकेत, पर स्पेशियलिटी सेगमेंट से उम्मीद
हालांकि, कंपनी के सबसे बड़े एक्सपोर्ट मार्केट, अमेरिका से मिले-जुले संकेत मिले हैं। कुल मिलाकर US रेवेन्यू सालाना 6% बढ़ा है, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 4% की गिरावट आई है। यह गिरावट कैंसर की दवा Revlimid के जेनेरिक वर्जन की बिक्री में कमी और अन्य प्रोडक्ट्स पर प्राइस इरोजन (कीमतों में गिरावट) के कारण देखी गई। दूसरी ओर, कंपनी का ग्लोबल स्पेशियलिटी सेगमेंट, जिसमें Ilumya जैसी दवाएं शामिल हैं, हाई टीन्स (लगभग 15-19%) की दर से बढ़ रहा है। भविष्य में मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज के लिए आने वाले नए लॉन्च से कंपनी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
India-US Trade Deal का असर
भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते (Trade Pact) से Sun Pharma जैसी भारतीय फार्मा कंपनियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत आपसी टैक्स को 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे सीधे तौर पर US एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स का बोझ कम होगा, जो कंपनी के मार्जिन और कमाई पर पड़ने वाले दबाव को कम करेगा। इन पॉजिटिव डेवलपमेंट के बाद, पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में शेयर में करीब 7% का उछाल देखा गया, और 3 फरवरी 2026 को तो बाजार की तेजी के साथ शेयर में 4% से ज़्यादा की तेजी दर्ज हुई।
वैल्यूएशन पर चिंताएं, पर ब्रोकरेज की 'Buy' रेटिंग
Sun Pharma का मार्केट कैप करीब ₹4 लाख करोड़ है और इसका ट्रेलिंग बारह महीने (TTM) का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 33x से 35x के बीच चल रहा है। यह वैल्यूएशन कई घरेलू प्रतिद्वंद्वियों जैसे Dr. Reddy's Laboratories (P/E करीब 19x), Cipla (P/E करीब 23x) और Lupin (P/E करीब 18x) की तुलना में काफी प्रीमियम है। हालांकि, Divi's Laboratories (P/E करीब 64x) जैसी कुछ कंपनियों का P/E इससे ज़्यादा है। कंपनी का PEG रेश्यो 10.96 भी कुछ एनालिस्ट्स के लिए चिंता का विषय है, जो यह इशारा करता है कि शेयर का वैल्यूएशन भविष्य की ग्रोथ को पहले ही डिस्काउंट कर रहा है। इन वैल्यूएशन चिंताओं के बावजूद, कंपनी की मजबूत ग्रोथ का ट्रैक रिकॉर्ड और लगभग कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट उसे मजबूती देती है।
एनालिस्ट्स का भरोसा और सेक्टर को सपोर्ट
ज्यादातर एनालिस्ट्स Sun Pharma के शेयर पर पॉजिटिव बने हुए हैं और 'Buy' रेटिंग की सलाह दे रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म्स जैसे JM Financial और BNP Paribas के टारगेट प्राइस में ₹1,900 से ₹2,250 तक का अपसाइड देखने को मिल रहा है। एनालिस्ट्स कंपनी के घरेलू बाजार में मजबूत मोमेंटम, उभरते बाजारों में ग्रोथ की संभावनाओं और स्पेशियलिटी बिजनेस के पोटेंशियल को मुख्य वजह बता रहे हैं।
सरकारी स्तर पर भी फार्मा सेक्टर को बूस्ट मिल रहा है। सरकार की 'Biopharma Shakti' पहल के तहत अगले पांच सालों में ₹10,000 करोड़ का आवंटन बायोफार्मास्युटिकल इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। वहीं, भारतीय फार्मा सेक्टर में FY2026 में 7-9% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान है, हालांकि US मार्केट में प्राइस इरोजन के चलते ग्रोथ 3-5% रहने की उम्मीद है। ऐतिहासिक रूप से, ऐसे व्यापार समझौते भारतीय एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए उत्प्रेरक (catalyst) का काम करते रहे हैं और विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद करते हैं।
आगे की राह
Sun Pharma का भविष्य काफी हद तक घरेलू और उभरते बाजारों में ग्रोथ बनाए रखने, US मार्केट की चुनौतियों से निपटने और अपने स्पेशियलिटी पोर्टफोलियो को मजबूत करने पर निर्भर करेगा। मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज जैसे नए सेगमेंट में पाइपलाइन और Ilumya जैसे उत्पादों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा। Trade Pact से मिली टैक्स राहत और तिमाही में 12 नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने जैसे कदम कंपनी को भविष्य के अवसरों का लाभ उठाने और मौजूदा वैल्यूएशन चिंताओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं।