Sun Pharma के शेयरों में आज कमजोरी देखी जा रही है। कंपनी का तिमाही मुनाफा **36.2%** गिरकर **₹1,989 करोड़** रहा, हालांकि रेवेन्यू में **11.8%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट की वजह
Sun Pharmaceutical Industries के नतीजों पर इस बार वन-टाइम खर्चों का भारी असर पड़ा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 36.2% घटकर ₹1,989 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह ₹1,269 करोड़ का वो खर्च है, जो लीगल सेटलमेंट और अधिग्रहण (Acquisition) से जुड़ा है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि रेवेन्यू 11.8% बढ़कर ₹161 बिलियन तक पहुंच गया है, जो बिजनेस के कोर ऑपरेशन्स के मजबूत होने का संकेत है।
स्पेशलिटी सेगमेंट पर निवेशकों की नजर
कंपनी के मुख्य स्पेशलिटी ड्रग 'Ilumya' की सेल्स ग्रोथ 6.9% रही है, जो बाजार के अनुमानों से काफी सुस्त है। एक्सपर्ट्स को डर है कि अमेरिकी बाजार में आ रही चुनौतियां इसकी ग्रोथ पर लगाम लगा सकती हैं। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज हाउसेस ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने अर्निंग्स अनुमान घटा दिए हैं।
हालांकि, एक उम्मीद की किरण भी है। 30 अक्टूबर 2026 को कंपनी को USFDA से 'Ilumya' को सोरिएटिक अर्थराइटिस (Psoriatic Arthritis) के इलाज के लिए इस्तेमाल करने की मंजूरी मिली है। यह मंजूरी भविष्य में कंपनी के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है, बशर्ते कंपनी अमेरिकी बाजार की प्रतिस्पर्धा को पार कर सके।
रिस्क और आगे का आउटलुक
फिलहाल, कंपनी अमेरिकी जेनरिक मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और प्राइसिंग प्रेशर (जैसे कि lenalidomide) का सामना कर रही है। साथ ही, R&D में बढ़ता खर्च और Organon के अधिग्रहण से जुड़ी अनिश्चितताएं आने वाली तिमाहियों में मार्जिन पर असर डाल सकती हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि मैनेजमेंट इन एसेट्स को कितनी कुशलता से इंटीग्रेट कर पाता है और स्पेशलिटी सेगमेंट में सेल्स कितनी तेजी से रिकवर होती है।
