Sun Pharmaceutical Industries का नेट प्रॉफिट **36.2%** घटकर **₹1,989 करोड़** पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिका में कानूनी सेटलमेंट और Organon & Co के अधिग्रहण से जुड़ी लागतें हैं।
Sun Pharmaceutical Industries के सितंबर तिमाही के नतीजों में मुनाफा घटने के पीछे एकमुश्त कानूनी खर्च और अधिग्रहण से जुड़ी लागतें जिम्मेदार हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 36.2% गिरकर ₹1,989 करोड़ रह गया है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?
मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका में 'जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग एंटीट्रस्ट लिटिगेशन' के निपटारे के कारण हुई है, जिस पर कंपनी ने ₹922.67 करोड़ खर्च किए। हालांकि इसे ₹95.34 करोड़ के टैक्स बेनिफिट से कुछ राहत मिली। इसके अलावा, Organon & Co को खरीदने की प्रक्रिया में कानूनी और सलाहकार फीस के रूप में ₹346.16 करोड़ का अतिरिक्त खर्च भी हुआ है।
ऑपरेशंस में मजबूती
एकमुश्त खर्चों के बावजूद कंपनी का कोर बिजनेस मजबूत बना हुआ है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹16,198.7 करोड़ हो गया है। EBITDA 4.8% बढ़कर ₹4,743.9 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 29.3% पर स्थिर दिखा। अगर इन असाधारण कानूनी और अधिग्रहण खर्चों को हटा दें, तो कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 1.4% की बढ़त के साथ ₹3,162 करोड़ रहा।
कंपनी ने ग्लोबल इनोवेटिव मेडिसिन सेगमेंट पर काफी ध्यान दिया है, जिससे इस तिमाही में $356 मिलियन की बिक्री हुई। रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में भी कंपनी ने ₹778.4 करोड़ निवेश किए हैं, जो कुल सेल्स का 4.8% है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी भविष्य में इन अधिग्रहण लागतों को कैसे मैनेज करती है और इनोवेटिव मेडिसिन सेगमेंट मार्जिन को किस हद तक बनाए रख पाता है।
