Sun Pharma: अमेरिकी ड्रग-प्राइसिंग समझौते में शामिल, शेयर में आया **3.4%** का उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Sun Pharma: अमेरिकी ड्रग-प्राइसिंग समझौते में शामिल, शेयर में आया **3.4%** का उछाल

Sun Pharmaceutical Industries ने अमेरिकी प्रशासन के ड्रग-प्राइसिंग समझौते में एंट्री ली है। कंपनी Medicaid लागत कम करने और एंटीबायोटिक्स की सप्लाई में मदद करेगी, जिसके बाद स्टॉक **3.4%** की बढ़त के साथ **₹1,984.80** पर बंद हुआ।

अमेरिका के साथ नई डील

Sun Pharmaceutical Industries अब ट्रंप प्रशासन के 'मोस्ट-फेवर्ड-नेशन' (MFN) ड्रग-प्राइसिंग प्रोग्राम का हिस्सा बन गई है। इस समझौते का मकसद अमेरिका में दवाओं की कीमतों को इंटरनेशनल बेंचमार्क के साथ जोड़ना है। इस कदम के साथ अब कुल 26 फार्मा कंपनियां इस प्रोग्राम का हिस्सा हैं, जो अमेरिका के ब्रांडेड ड्रग मार्केट के 89% हिस्से को कवर करती हैं।

क्या है कंपनी का कमिटमेंट?

समझौते के तहत, Sun Pharma गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए दवाओं की कीमतों में कटौती करेगी। इसके अलावा, कंपनी अमेरिका के Strategic Active Pharmaceutical Ingredients Reserve (SAPIR) को मजबूत करने के लिए 71.4 टन क्लिंडामाइसिन और 6.75 टन डॉक्सीसाइक्लिन की सप्लाई करेगी। यह कदम अमेरिका की विदेशी सप्लायरों पर निर्भरता कम करने के लिए उठाया गया है।

निवेशकों के लिए क्यों है अहम?

कंपनी के कुल रेवेन्यू में अमेरिका का योगदान लगभग 31% है। जहां यह समझौता अमेरिका में कंपनी की पकड़ को मजबूत करता है, वहीं जानकारों का मानना है कि इंटरनेशनल कीमतों के साथ तालमेल बिठाने से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। हाल ही में, 31 अगस्त 2026 को कंपनी का शेयर NSE पर 3.38% चढ़कर ₹1,984.80 के स्तर पर बंद हुआ।

बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि क्या कंपनी जुलाई 2026 से लागू टैरिफ स्ट्रक्चर के बीच अपने मार्जिन को बरकरार रख पाती है। हालांकि, Lipitor एंटीट्रस्ट मुकदमे में जीत से कंपनी को काफी राहत मिली है, जिसे 17 अगस्त 2026 को US Court of Appeals ने भी बरकरार रखा था।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.